बावल (रेवाड़ी)। बावल थाना पुलिस ने आईएमटी स्थित जीएलएस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मई में हुए भीषण अग्निकांड मामले में कंपनी के फायर सेफ्टी अधिकारी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के प्रतापपुर गांव निवासी लाल चंद्र मौर्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में भक्ति नगर रेवाड़ी में रह रहा था।
जांच में पता चला कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण आग की घटना हुई। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था, हादसे के कारणों और प्रबंधन की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार गांव चांदनवास निवासी विक्रम यादव ने शिकायत में बताया था कि वह 10 माह से जीएलएस प्राइवेट लिमिटेड में एजीएम हैं। 19 मई 2026 को सुबह करीब 11 बजे कंपनी के उत्पादन फ्लोर पर 50 से 60 कर्मचारी काम कर रहे थे। इसी दौरान एक रिएक्टर में अचानक तेज धमाका हुआ और आग लग गई।
फैक्टरी में इंक और रेजिन केमिकल का उत्पादन होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में शिकायतकर्ता सहित कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के उत्पादन फ्लोर पर पहले भी छोटे-छोटे हादसे हो चुके थे। कर्मचारियों ने सुरक्षा संबंधी कमियों की जानकारी कई बार कंपनी प्रबंधन, एचआर विभाग और फायर सेफ्टी अधिकारी को दी थी, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी का आपातकालीन द्वार काफी छोटा था, जिसके कारण आग लगने के बाद कर्मचारी समय पर बाहर नहीं निकल सके। फैक्टरी परिसर में आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था नहीं थी। हादसे के बाद घायल कर्मचारियों को उनके साथियों ने निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।
चार कर्मचारियों की गई थी जान
इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से धर्मेंद्र और शकिंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से झुलसे हरि बाबू और प्रवेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। हादसे ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को झकझोर दिया था। बावल थाना पुलिस ने मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर फायर सेफ्टी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी और यदि किसी अन्य की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।