ब्रास मार्केट स्थित लाइब्रेरी के बाहर लगी आग।
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रेवाड़ी। शहर की ब्रास मार्केट में चल रहे एक पुस्तकालय में शुक्रवार देर शाम को एसी में शार्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई। आग तेजी से भड़की जिससे पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे बच्चे घिर गए। आसपास के दुकानदारों ने पहल करते हुए सीढ़ी लगाई और उसके सहारे बच्चों को खिड़की से बाहर निकल पाए। इस घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका।
शहर के ब्रास मार्केट कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालय का बड़ा हब बन चुका है। यहां कोचिंग सेंटर और पुस्तकालय तो खोल लिए गए हैं लेकिन नियमों का कहीं कोई पालन नहीं हो रहा है। ब्रास मार्केट की दुकान नंबर 14 में कुछ समय पूर्व ही खुले एक पुस्तकालय में शुक्रवार शाम को आठ दस बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। अचानक ही एसी में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग काफी तेजी से भड़की। कुछ बच्चे तो सीढ़ियों से नीचे उतर आए लेकिन कुछ भीतर ही फंस गए। जो बच्चे भीतर फंसे थे उनको आसपास के दुकानदारों ने खिड़की में सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा। आगजनी की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की एक के बाद एक दो गाड़ियां मौके पर पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक लाइब्रेरी में सबकुछ जल चुका था।
बिना फायर एनओसी चल रहे प्रतिष्ठान
ब्रास मार्केट की एक-एक बिल्डिंग में सात से आठ शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि इनमें से एक के पास भी फायर एनओसी नहीं है जबकि प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालय आदि के लिए भी फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) आवश्यक है। अब सवाल यह उठता है कि बिना फायर एनओसी के आखिरकार ये संस्थान चल कैसे रहे हैं। दमकल विभाग की ओर से इनपर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। अब जब शोर मचा है तो विभाग के अधिकारी एक दो दिन दबाव डालेंगे लेकिन फिर न जाने क्या मंत्र इन सेंटर संचालकों द्वारा पढ़ा जाता है कि अधिकारी शांत होकर दोबारा अपने दफ्तर तक ही सीमित हो जाते हैं।
ब्रास मार्केट में जो हादसा हुआ है, उसमें बच्चों को बचा लिया गया है। टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। किसी भी कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी नहीं है। जल्द ही मार्केट का निरीक्षण कर उन सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी जिनके पास फायर एनओसी नहीं है।
- मामचंद शर्मा, उप अग्निश्मन अधिकारी, रेवाड़ी