लघु सचिवालय में बुधवार सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में लगे एसी में अचानक आग लग गई। आग की लपटें और धुआं देखकर रूम में बैठे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। आसपास के कर्मचारी भी मौके पर जुट गए। आनन-फानन में एमसीबी डाउन की गई और एसी की केबल प्लग से बाहर निकाला गया। इसके बाद कर्मचारियों ने पानी डालकर आग को बुझाया। रूम के बाहर लगे अग्निशमन यंत्र काम नहीं आए। समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण पास के रूम में लगी करोड़ों की मशीनें बच गई।
लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर फूड एंड सप्लाई विभाग के नजदीक स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में सुबह आरटीआई की सुनवाई के लिए मीटिंग रखी गई थी। मीटिंग शुरू होने से पहले ही रूम में एसी को चालू कर दिया गया था ताकि समय से रूम का टेंपरेचर मेंटेन किया जा सके। कुछ देर एसी चलने के बाद उसमें से धुआं निकलना शुरू हो गया।
साथ ही आग की लपटें भी निकलने लगी। वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में कर्मचारियों ने दौड़कर बराकर के रूम में लगी एमसीबी को डाउन किया व एसी को कनेक्शन के तार हटा दिए। लेकिन आग से प्लास्टिक की एसी बॉडी पिघलती रही। कर्मचारियों ने बाहर लगे अग्निशमन यंत्रों के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन ये यंत्र काम नहीं आए। वे जून माह में ही एक्सपायर हो चुके थे। बाल्टियों में पानी भरकर आग पर फेंका गया। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
एक्सपायरी डेट के सिलेंडरों पर नहीं प्रशासन का ध्यान
लघु सचिवालय एक ऐसी जगह है, जहां जिले के सभी प्रशासनिक से लेकर पुलिस अफसर तक बैठते हैं। लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर यदि समय रहते ध्यान न दिया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। यहां दीवारों पर लटके अग्निशमन यंत्र में भरे गए केमिकल 18 जून 2015 को एक्सपायर हो चुके हैं। वहीं सचिवालय के प्रत्येक कार्यालय की छतों पर लगे स्मोक अलार्म भी आग लगने व धुआं उठने के बावजूद नहीं बजे।
बराबर के कमरे में थी करोड़ों की डाटा मशीनें
वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम के बराबर के कमरे में ही करोड़ों की कीमत की नेटवर्किंग मशीनें लगी हैं, जिसमें प्रशासनिक डाटा फीड रहता है। आग अधिक भड़क जाती तो यह मशीनें जलकर नष्ट हो जाती और इसके साथ ही सचिवालय की नेटवर्किंग भी खराब हो जाती। जिससे सचिवालय में ऑनलाइन कामकाज पर इसका असर पड़ता।