स्कूल प्रशासन और गांव खिजूरी के ग्रामीणों के बीच बृहस्पतिवार को हुए विवाद का खामियाजा स्कूल के 250 बच्चों को भूखा रहकर उठाना पड़ा।
विवाद का मुद्दा था गांव के राजकीय स्कूल प्रशासन द्वारा स्कूल टाइम के बाद गांव के बच्चों को खेलने से मना करना। बृहस्पतिवार सुबह इसके विरोध में कुछ ग्रामीण पहुंचे तो स्कूल की खामियां निकालनी शुरू की।
स्कूल अध्यापकों के देरी से आने से शुरू हुई बहस मिड-डे मील बनने में हो रही खामियों तक जा पहुंची। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ विवाद दोपहर बारह बजे तक चला। इस बीच ग्रामीणों ने मिड-डे मील भी नहीं बनने दिया।
ग्रामीणों ने वहां सफाई आदि न होने और भोजन की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए मिड-डे मील बनाने वाली कुक को तुरंत हटाने की मांग की। मिड-डे मील बनाने वाली महिला एससी जाति से जुड़ी हुई है और बताया जा रहा है कि कुक को हटवाने की मांग करने की यह भी बड़ी वजह है।
दोपहर तक चले इस क्वालिटी ड्रामे में निरपराध 250 स्कूली बच्चों को भूखा रहना पड़ा। हाल यह हुआ कि विवाद होने पर स्कूल की छुट्टी भी जल्दी कर दी गई।
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...तो पुलिस बुलाकर बनवाया जाएगा खाना
इस बाबत अमर उजाला संवाददाता ने खंड शिक्षा अधिकारी संतोष यादव से बात की तो उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि सफाई और क्वालिटी की बात है तो उसे खुद जाकर शुक्रवार को चेक करेंगे और दोषी पाए जाने पर संबंधित शख्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीणों के विरोध के बारे में उन्हें बताया गया था। ग्रामीणों को कोई आपत्ति है तो सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं। लेकिन अगर किसी जाति विशेष को टारगेट कर किसी प्रकार की कॉन्सपिरेसी की जा रही है तो यह नहीं होना दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस प्रशासन की मदद से खाना बनवाया जाएगा।
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हुआ है विवाद पर वजह नहीं है साफ: सरपंच प्रतिनिधि
सरपंच प्रतिनिधि रण सिंह ने बताया कि स्कूल समय के बाद कुछ बच्चे स्कूल में आकर दीवार, बल्व आदि तोड़ चुके हैं। स्कूल की टंकी में भी कुछ शरारती तत्वों ने गंदगी फैलाई थी।
इसे लेकर शिक्षकों ने उनके घरों में शिकायत दी थी। स्कूल में विवाद होने की सूचना मिली थी। जिस समय स्कूल पहुंचे तो कुछ ग्रामीण स्कूल में शिक्षकों के देरी से आने को लेकर विरोध जता रहे थे। शिक्षकों ने भविष्य में समय पर आने की बात कही थी। लेकिन विवाद जारी रहा।
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स्कूल में मिड-डे मील को लेकर हुए विवाद की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी ने दी है। उनसे कहा गया है कि शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर सभी तथ्यों की जांच करें। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मबीर बल्डोडिया, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी