रेवाड़ी। मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता प्राप्त करने वालों को सरल पोर्टल पर सुविधा प्रदान की जा रही है। अब पात्र सरल पोर्टल के माध्यम से सुविधा का लाभ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक या लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि आवेदक अपने परिवार पहचान पत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को अपने चिकित्सा बिल, ओपीडी बिल आदि जैसे अन्य संबंधित दस्तावेजों को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना में किए गए बदलावों के तहत यदि कोई बीमारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में कवर नहीं हो रही है तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें संबंधित एमपी, संबंधित एमएलए, उपायुक्त, सिविल सर्जन, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, जिला परिषद के चेयरमैन, पंचायत समिति के चेयरमैन को सदस्य और नगराधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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इस तरह करें आवेदन
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जैसे ही आवेदक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर अपना आवेदन डालेगा, वैसे ही आवेदन को संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, अध्यक्ष जिला परिषद, अध्यक्ष ब्लॉक समिति, एमसी के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा। ये जनप्रतिनिधि पांच दिन के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ डीसी कार्यालय को भेजेंगे। इसके बाद आवेदन को डीसी कार्यालय की ओर से संबंधित तहसीलदार से आवेदक की चल-अचल संपत्ति का सत्यापन और सिविल सर्जन से मेडिकल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। संपत्ति के सत्यापन के लिए चार और सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़े सत्यापन के लिए पांच दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। दोनों विभागों से मिली रिपोर्ट उपायुक्त की संस्तुति के साथ कमेटी के सदस्य सचिव को भेजी जाएगी जिसे वे सीनियर अकाउंट अधिकारी को भेजेंगे। इसके बाद स्वीकृत की गई राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी।
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अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के रूप में इलाज खर्च का 25 प्रतिशत धनराशि ही मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। आवेदक वित्त वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया को आम जनता के लिए सरल बनाने के साथ ही समयबद्ध भी किया गया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक या लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यदि कोई आवेदक दूसरे राज्य में इलाज करवा रहा है और वह चाहता है कि उपचार की राशि सीधे अस्पताल को मिले तो वह संबंधित अस्पताल की बैंकिंग डिटेल्स भी साझा कर सकता है।