रेवाड़ी। गांव भठेड़ा में बुधवार रात करीब 2 बजे पलवल एसटीएफ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में एसटीएफ टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर के पैर में गोली लगी है। इस बीच पुलिस ने मौके से गांव के 5 युवकों को हिरासत में लिया है।
इनमें से एक युवक कुलदीप है। कुलदीप की मां बिमला ने बताया कि गांव में एक युवक नशा बेचता है जिसे मेरे बेटे ने धमकाया था। उस युवक ने बेटे को जान से मारने की धमकी दी। फोन पर उस युवक ने कहा था कि बाहर से गैंग बुला रहा हूं आज रात को तैयार रहना।
बिमला ने बताया कि कुलदीप ने घर पर अपने दोस्त बुला लिए। रात को जब बेटे को पता लगा कि स्कूल के पास बदमाश खड़े हैं तो वे अपने दोस्तों के साथ उस तरफ गया। इसी दौरान गोलियां चलने लगीं। असली बदमाश तो भाग गए लेकिन गांव के 4 से 5 युवकों को पुलिस उठा ले गई जिनका कोई कसूर नहीं है।
पुलिस हिरासत में लिए गए युवक कुलदीप के साथ उसके दोस्त लाठी-डंडों से लैस थे। क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे में वे कैद हो गए।
सीसीटीवी फुटेज आई सामने
कुलदीप की मां बिमला ने नशा बेचने वाले के साथ झगड़े की जो बात बताई है उससे जुड़ा एक सीसीटीवी सामने आया है। रात करीब 1 बजकर 7 मिनट पर 10 युवक एक गाड़ी व बाइक पर कुलदीप के घर से निकलते हुए दिख रहे हैं जिनके हाथों में डंडे दिख रहे हैं। झगड़ा करने के लिए गए ये युवक वापस नहीं लौटे, क्योंकि इनमें से 5 को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गांव में पुलिस की टीम कुलदीप के घर पहुंची। पुलिस घर से गाड़ी व बाइक लेकर बाहर आ गई। कुछ देर के बाद दोनों ही वाहन पुलिस वापस छोड़कर चली गई।
परिवार घटना के बाद से परेशान
पुलिस ने जिस कुलदीप को हिरासत में लिया है उसके पिता महाबीर बंगाल इंजीनियर्स में थे जो साल 2007 में रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद साल 2009 में उनका निधन हो गया। कुलदीप के बड़े भाई बीएसएफ में सेवाएं दे रहे हैं। फिलहाल परिवार इस पूरी घटना के बाद से परेशान है।
प्रत्यक्षदर्शी देवीदयाल ने बताई आंखों देखी कहानी
प्रत्यक्षदर्शी देवीदयाल ने बताया कि वह रात को करीब सवा 1 बजे अपने घर पर मौजूद थे। बार-बार गाड़ियां गेट के आगे चक्कर काट रही थीं तो बाहर आया। पुलिस वालों ने कहा कि बदमाश आ रहे हैं, घर के अंदर चले जाओ। मैं घर के गेट में खड़ा हो गया। कुछ समय बाद बदमाशों की एक गाड़ी आई जिसे पुलिस टीम ने टक्कर मार दी। गाड़ी को धकेलते हुए पुलिस करीब 100 मीटर दूर ले गई। पुलिस ने गोलियों से गाड़ी के सभी टायर पंक्चर कर दिए। टायर पंक्चर होने के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चल रही थीं। करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग के बाद बदमाश गाड़ी छोड़कर खेतों की तरफ पैदल भाग निकले। उसके बाद क्या हुआ कुछ पता नहीं चला।
बदमाशों से जुड़े कई सवाल के पुलिस ने नहीं दिए जवाब
इस पूरी घटना में आशंका जताई गई है कि जिन बदमाशों को दूसरे गुट ने बुलाया था उनके पीछे पलवल एसटीएफ आई थी। इस दौरान जब बदमाश यहां पर पहुंचे तो एसटीएफ और बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। उसके बाद दूसरे पक्ष के युवक मौके से पकड़े गए। वहीं पलवल एसटीएफ का दावा है कि कुछ बदमाशों के गांव में छुपने की जानकारी मिली थी जिसके बाद टीम ने जाकर घेराबंदी की थी। शुरुआत में मुठभेड़ को लेकर यह चर्चा थी कि पलवल एसटीएफ कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के शूटरों के पीछे लगी थी। अभी तक इन बदमाशों के बारे में पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। इतना जरूर है कि बदमाश किसी गैंग से जुड़े हुए शूटर हैं।
वर्जन
गांव में मुठभेड़ हुई थी। पुलिस कुछ युवकों को उठाकर लेकर गई है। इनमें अधिकतर वह युवक शामिल हैं जो गांव में नशा नहीं बेचे जाने के पक्ष में थे और दूसरा पक्ष नशा बेचना चाहता था। दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। जिन युवकों को पुलिस लेकर गई है। रात में क्या कुछ हुआ, अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। युवक के आने के बाद ही कुछ पता चल पाएगा। हालांकि, अभी पुलिस की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गई है। -धर्मवीर यादव, सरपंच, गांव भठेड़ा