फोटो : 17अनाज मंडी में बैठक कर बातचीत करते खाद-बीज विक्रेता। स्रोत : एसोसिएशन
रेवाड़ी। शहर स्थित अनाज मंडी परिसर में वीरवार को खाद-बीज विक्रेताओं की बैठक हुई। बैठक में नए बीज एवं कीटनाशक अधिनियम को लेकर खाद-बीज विक्रेताओं ने चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान राकेश बालधन ने की। रेवाड़ी खाद-बीज विक्रेताओं की एसोसिएशन के प्रधान राकेश बालधन ने बताया कि अब हड़ताल के साथ-साथ अनाज मंडी गेट पर धरना भी दिया जाएगा। इसके लिए हर रोज दो ब्लॉक धरने पर बैठेंगे।
चार दिन तक उनका धरना रहेगा, उसके बाद फिर से एक बार बैठक की जाएगी, जिसमें आगामी निर्णय लिए जाएंगे। वहीं, 14 अप्रैल तक जिले का कोई खाद-बीज विक्रेता दुकान नहीं खोलेगा और किसी प्रकार खाद-बीज नहीं बेचेगा। खाद बीज एसोसिएशन के प्रधान राकेश ने बताया कि बीज में किसी प्रकार की कोई खामियां होती है, तो वह प्रोड्यूसर का काम होता है। डीलर सिर्फ किसान और प्रोड्यूसर के बीच की कड़ी होता है। अब अगर ऐसे में किसी भी प्रकार की खामियां पाई जाती है, तो डीलर को दंड भुगतना पड़ेगा। वहीं, 6 माह की जेल की सजा के लिए भी गैर जमानती वारंट जारी करना न्यायसंगत नहीं है।
बीज-कीटनाशक अधिनियम में किए ये बदलाव
खाद-बीज अधिनियम में बदलाव किया गया है। इसके तहत खाद-बीज और कीटनाशक डीलर को एक साल तक सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल तक कैद और 2 लाख रुपये तक जुर्माना होगा।पहले यह जुर्माना मात्र 500 रुपये था और दोबारा पकड़े जाने पर 6 महीने की जेल या एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान था। इस वजह से दोषी इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते थे।