रेवाड़ी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर औद्योगिक जगत की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय से उद्योगों में उत्पादन और ऑर्डर की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी थी, लेकिन फिर तनाव बढ़ने से कारोबारियों को भविष्य को लेकर असमंजस में डाल दिया है।
रेवाड़ी और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो इसका असर निर्यात, कच्चे माल की कीमतों, परिवहन लागत और उत्पादन पर पड़ सकता है।
रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान कृष्ण यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर उद्योगों पर पड़ता है। युद्ध की स्थिति बनने पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, जिससे परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कारोबार में स्थिरता लौट रही थी, लेकिन मौजूदा हालात ने फिर से अनिश्चितता पैदा कर दी है। यदि तनाव बढ़ता है तो छोटे और मध्यम उद्योगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दक्षिण हरियाणा लघु उद्योग भारती के संयोजक संजय डाटा ने कहा कि धारूहेड़ा, बावल और रेवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में इकाइयां निर्यात और आयात पर निर्भर हैं। वैश्विक स्तर पर किसी भी युद्ध का असर सप्लाई चेन, कंटेनर उपलब्धता और कच्चे माल की कीमतों पर पड़ता है। इससे उद्योगों की लागत बढ़ने के साथ उत्पादन भी प्रभावित होता है।