रेवाड़ी। नगर परिषद के उपप्रधान पद के लिए चुनाव 8 अक्तूबर को होगा। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की सहमति के बाद प्रशासन ने चुनाव की तारीख तय कर दी है। तारीख सामने आते ही शहर की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। दोनों प्रमुख गुटों की ओर से एक-एक प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी है, लेकिन पार्षदों के अलग-अलग धड़ों में बंटे होने से मुकाबला अब रोचक हो गया है।
10 मई को हुए नगर परिषद चुनाव में विनीता पीपल चेयरपर्सन चुनी गई थीं, जबकि 32 वार्डों से पार्षद निर्वाचित हुए थे। अब उपप्रधान पद पर कब्जे के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह समर्थित खेमा और विरोधी गुट आमने-सामने हैं। दोनों ओर से उम्मीदवार तय होने की चर्चा है, लेकिन मेन मौके तक नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
दोनों खेमों को अपने पक्ष के पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने की आशंका है। इसी को देखते हुए पार्षदों की गुप्त बाड़ेबंदी शुरू कर दी गई है। चेयरपर्सन समर्थित खेमे की ओर से पार्षदों को गुप्त तरीके से हिमाचल और उत्तराखंड के भ्रमण पर भेजे जाने की चर्चा रही। वहीं, दूसरे गुट की ओर से भी अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में मुकाबला फिलहाल बराबरी का बताया जा रहा है। कुछ पार्षदों के दोनों पक्षों की बैठकों में शामिल होने से स्थिति और पेचीदा हो गई है। ऐसे में मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की आशंका से दोनों गुट चिंतित हैं।
चुनाव में संख्या बल सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। यदि किसी पक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं रही तो अंतिम समय में चुनाव को लेकर स्थिति बदलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा रहा। दोनों गुट फिलहाल अपने-अपने समर्थक पार्षदों को साधने और अंतिम समय तक रणनीति गोपनीय रखने में जुटे हैं।