भिवाड़ी। भिवाड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (बीआईआईए) की लंबे समय से चली आ रही मांग पर राजस्थान विद्युत वितरण निगम ने सकारात्मक कदम उठाया है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक व अध्यक्ष आरती डोगरा ने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भूमिगत विद्युत केबल नेटवर्क में फॉल्ट की त्वरित पहचान के लिए फॉल्ट लोकेटिंग मशीन की स्वीकृति प्रदान की है।
बीआईआईए के अध्यक्ष प्रवीण लाम्बा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पहुंचकर आरती डोगरा से मुलाकात की और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर एक समेकित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में बीआईआईए के मानद संरक्षक सतिंदर सिंह चौहान, संस्थापक सदस्य सुरेश अग्रवाल और विरल गर्ग शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भिवाड़ी में बार-बार बिजली गुल होने और भूमिगत केबलों में फॉल्ट आने पर खराबी का पता लगाने में बहुत समय लग जाता है, जिससे उद्योगों का उत्पादन ठप हो जाता है, मशीनरी को नुकसान पहुंचता है और भारी आर्थिक क्षति होती है। फॉल्ट लोकेटिंग मशीन मिलने से फॉल्ट की सटीक और तेज पहचान संभव होगी, जिससे बिजली बहाली का समय काफी कम हो जाएगा और उद्योगों को राहत मिलेगी।
आरती डोगरा ने इस मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए मशीन के लिए बजट स्वीकृत कर दिया और शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भिवाड़ी से जुड़ी अन्य विद्युत समस्याओं को आगामी बजट और योजनाओं में शामिल किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर ट्रांसमिशन एजेंसियों के साथ समन्वय कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
बीआईआईए ने बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया। इनमें ग्रिड सब-स्टेशनों की जर्जर स्थिति, जीएसएस पर अत्यधिक लोड और बार-बार ट्रिपिंग लोड शेडिंग, औद्योगिक फीडरों पर विकास व्यय, नए उप-विभाग गठन की जरूरत, रख-रखाव बजट एवं स्टाफ की कमी, जीएसएस क्षमता वृद्धि शामिल हैं। बीआईआईए अध्यक्ष प्रवीण लाम्बा ने कहा कि भिवाड़ी राजस्थान का सबसे तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक क्लस्टर है। उद्योगों के लिए निर्बाध और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति बेहद जरूरी है।