रेवाड़ी। जिले के किसानों और पूर्व सैनिकों को राज्य के बजट से काफी उम्मीदें हैं। किसान जहां खाद-बीज, यंत्रों पर सब्सिडी और कर्ज माफी चाहते हैं वहीं पूर्व सैनिक रोजगार के अवसर चाहते हैं।
किसानों का कहना है कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है जबकि फसलों के दाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में बजट में खेती को लाभकारी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
किसानों ने मांग की है कि बीज, खाद और कीटनाशकों पर सब्सिडी बढ़ाई जाए। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाए और बिजली दरों में राहत दी जाए।
प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की समय पर घोषणा की जाए और खरीद प्रक्रिया सरल बनाई जाए।
किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और मंडी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा जताई गई है।
वहीं, पूर्व सैनिकों ने सरकार से अपनी अपेक्षा जाहिर की है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि सेवा के दौरान देश की सुरक्षा में योगदान देने के बाद उनके लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए।
पूर्व सैनिकों की मुख्य मांगों में पेंशन में वृद्धि और वित्तीय सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि बढ़ती जीवन-यापन की लागत को देखते हुए पेंशन में समय-समय पर वृद्धि की आवश्यकता है, जिससे सेवा निवृत्त सैनिक आराम से जीवन यापन कर सकें।
बजट में फसल के लिए बीज और उर्वरक पर सब्सिडी बढ़ाने की आवश्यकता है। बिजली और पानी की लागत लगातार बढ़ रही है। अगर सरकार इस पर राहत देती है तो हमारी खेती सस्ती और लाभकारी बनेगी।-राजेंद्र, भडंगीं।
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सरकार को सिंचाई और पानी की सुविधा पर बजट बढ़ाना चाहिए। बारिश पर निर्भर फसलें असुरक्षित रहती हैं। पानी और तालाब परियोजनाओं में निवेश से लाभ होगा। -करतार सिंह, धनिया।
सरकार को बजट में कर्ज माफी और ब्याज दरों में राहत देने पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय से बढ़ रहे कर्ज के बोझ ने कई किसानों की मेहनत को नकार दिया है।-पूर्ण सिंह भाकली।
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महिला किसानों के लिए बजट में प्रशिक्षण, सब्सिडी और छोटे उपकरणों की सुविधा बढ़ाई जाए। सरकार को बजट में कृषि योजनाओं और ऋण सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे किसान सशक्त बनेंगे।राजेन्द्र श्यामनगर
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बजट में पेंशन में वृद्धि की जाए और वरिष्ठता के हिसाब से पेंशन को संशोधित किया जाए, ताकि जीवन यापन में आर्थिक सुरक्षा बनी रहे। मुफ्त दवाइयों का प्रावधान बढ़ाया जाए।-लाल सिंह लुखी, पूर्व सैनिक
सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल किए जाएं ताकि वे नए व्यवसाय या नौकरी के अवसर अपना सकें।-महेंद्र सिंह पूर्व सैनिक।