संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सरकार ने किसानों से क्षतिग्रस्त फसल का विवरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन भरने की अपील की है। इसमें उन्हीं किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज विवरण के आधार पर नुकसान की भरपाई का आकलन किया जाएगा जिनकी मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का विवरण पंजीकृत होगा।
जिन किसानों ने अपनी फसल का पंजीकरण नहीं कराया है वह जल्द करा लें। शुक्रवार देर रात हुई ओलावृष्टि की वजह से अभी भी फसल खेतों में बिछी पड़ी है। साथ ही सरसों की फसल तो बुरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। दूसरी तरफ किसानों को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। बहुत से किसान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण करने आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनके नुकसान का आकलन कर सकें। जिन किसानों ने अपनी फसल और सब्जियों का आनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है उनके लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा बीमाकृत किसानों को भी मौका मुआयना के लिए इंतजार है। फिलहाल किसानों ने 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुई इस ओलावृष्टि से जो किसानों को भारी नुकसान हुआ है, उसके चलते नष्ट फसलों के स्थान पर इस समय न तो किसान कोई नई फसल उगा सकता है और इस तरह से पूरे रबी फसल सीजन के लिए किसान बर्बाद हो गया।
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री से किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। राजेंद्र सिंह ने सरकार से जनहित में तुरंत कदम उठाएं जाने की मांग है। भूमिहीन किसानों ने दूसरे की जमीन जो सालाना 35000 रुपये प्रति एकड़ से लेकर फसल बोई है, उसकी पूर्ति सरकार करे।
वर्जन:
किसानों को पोर्टल पर फसल खराब होने की जानकारी देना जरूरी है, ताकि मुआवजा समय पर दिया जा सके। किसानों से अपील है कि पोर्टल पर फसल खराब की जानकारी जरूर भेज दें।
अनिल, खंड कृषि अधिकारी रेवाड़ी।