संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि मशीनों पर अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान पर कृषि यंत्रों के लिए इच्छुक 20 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत फसल अवशेषों को खेत में मिलाने व पराली प्रबंधन के लिए व्यक्तिगत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।
उप निदेशक कृषि जितेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्र सुपर स्ट्रा, मैनेजमेंट सिस्टम, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, हैप्पी सीडर, हाईड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी प्लॉव, जीरो टील सीड कम फर्टीलाइजर ड्रील, बेलिंग मशीन, स्वचालित व ट्रैक्टर चालित क्रॉप रीपर, स्वचालित रीपर बाइंडर (3 व्हील व 4 व्हील), ट्रैक्टर चालित लोडर व ट्रैक्टर चालित टेडर मशीन पर अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस योजना में केवल वही किसान पात्र होंगे, जिन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर चालू रबी-2025 व खरीफ-2024 के दौरान पंजीकरण किया हुआ है।
आवेदित किसानों की वरीयता सूची अनुसार जिला कार्यकारिणी समिति रेवाड़ी द्वारा डीसी की अध्यक्षता व किसानों की उपस्थिति में ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से निर्धारित की जाएगी।
अनुदान हेतु किसान के नाम हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आरसी (ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्र के लिए), बैंक खाता, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र एवं आधार कार्ड की आवश्यकता होगी। आवेदन करने वाले किसान को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने बारे व पिछले तीन वर्षों में उसी कृषि यन्त्र पर अनुदान अनुदान का लाभ न लेने बारे शपथ पत्र भी देना होगा।
किसान को विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते समय दस्तावेज अपलोड भी करने होंगे। एक किसान विभिन्न प्रकार के अधिकतम 4 कृषि यंत्र पर अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है। किसान को केवल एक ही मशीन पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
निदेशालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों अनुसार चयनित किसानों को उपरोक्त दस्तावेजों की स्वयं सत्यापित प्रति 7 दिन के अंदर सहायक कृषि अभियंता रेवाड़ी के कार्यालय में जमा करवानी होगी।