रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का एक प्रतिनिधिमंडल मार्केट कमेटी अधिकारी नवनीत यादव से मिला और उन्हें सरकार द्वारा बाजरा खरीद की तय समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के जिला प्रधान समय सिंह ने किया।
समय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों से वादा किया था कि 15 नवंबर तक बाजरे की खरीद जारी रहेगी, लेकिन अब अचानक यह घोषणा कर दी गई है कि 31 अक्तूबर तक ही बाजरा खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की किसान विरोधी नीति को दर्शाता है।
प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि 31 अक्तूबर के बाद मंडियों में बाजरे की खरीद बंद की गई, तो यूनियन 1 नवंबर से मंडी के गेटों पर ताला लगाकर आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार कहती है कि एमएसपी थी, है और रहेगी, लेकिन हकीकत यह है कि किसानों को अपने बाजरे का भाव 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहा है।
जबकि घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य इससे काफी अधिक है। यह किसानों के साथ सीधा अन्याय और शोषण है। समय सिंह ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा के किसानों के साथ हमेशा भेदभाव किया जाता है। सरकार न तो उनके लिए कोई ठोस नीति बना रही है और न ही विपक्ष के नेता किसानों की आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंडियों में अभी भी हजारों क्विंटल बाजरा किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली में पड़ा है, लेकिन खरीद एजेंसियां टालमटोल कर रही हैं। बीकेयू नेताओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह 15 नवंबर तक बाजरे की खरीद की समय सीमा बढ़ाएं ताकि किसानों की उपज मंडियों में बिना नुकसान के बिक सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की इस मांग को अनसुना किया तो यूनियन सड़कों पर उतरकर आंदोलन को तेज करेगी। इस मौके पर कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, शीशराम साहब, एसी सेल के प्रधान राजकुमार, ओपी लोहाणा, मनीषा यादव, अशोक, बाबूलाल रोडवेज, जिला महिला प्रेस प्रवक्ता ममता यादव, रामजस पूर्णिया, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।