रेवाड़ी। समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद नहीं होने पर किसान संगठनों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। वीरवार को अनाज मंडी के बाहर किसानों के ट्रैक्टरों की कतार लगी रही। अब तक 635 गेट पास जारी हो चुके हैं और करीब 9600 क्विंटल बाजरे की आवक मंडी में हो चुकी है।
किसान आंदोलन के कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने बाजरे का समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन किसानों से करीब 2100 रुपये तक के भाव पर खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कथित भावांतर के 600 रुपये भी जोड़ दिए जाएं, तब भी किसान को हर स्थिति में 2900 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि किसानों को सीधे 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और भावांतर की राशि खरीद करने वाली एजेंसी को सरकार की ओर से दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ हो रही इस स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रामकुमार निमोठ और जन आंदोलन से जुड़े कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों के संकट के समय जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 12 अक्तूबर को गांव-गांव में रोष प्रदर्शन किया जाएगा और सरकार के पुतले फूंके जाएंगे।
बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद की मांग को लेकर जय किसान आंदोलन का अनिश्चितकालीन धरना आज 13वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला सचिव मास्टर धर्म सिंह ने की तथा मंच संचालन चौधरी सतपाल मिलकपुर ने किया।
किसानों ने कहा कि रेवाड़ी जिले के आधे से अधिक किसानों का बाजरा पहले ही निजी व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बिक चुका है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मौके पर नरेन्द्र कुमार, राजपाल यादव, राकेश कुमार, विनोद कुमार व अन्य मौजूद रहे।
अनाज मंडी के बाहर ट्रैक्टरों की लगी कतार। संवाद