रेवाड़ी। जिले की अनाज मंडियों में बाजरा बेचने के लिए किसानों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सुबह जल्दी गेट पास लेने और फसल बेचने के लिए किसान रात को ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मंडियों में पहुंच रहे हैं। कई किसान अपनी बारी का इंतजार करते हुए ट्रैक्टरों पर ही रात गुजार रहे हैं।
किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडी में बाजरा खरीद के लिए नया गांववार रोस्टर जारी किया है।
नई अनाज मंडी रेवाड़ी में भी बाजरा खरीद को व्यवस्थित करने के लिए मार्केट कमेटी की ओर से 12 से 17 अक्तूबर तक गांववार शेड्यूल जारी किया गया है।
12 अक्तूबर को गढ़ी, बोलनी, कापड़ीवास, जीतपुरा इस्तमुरार, खलियावास, निखरी, रालियावास, चिल्हड़, धनौरा, भूरथल ठेठर, भटसाना, जैतपुर शेखपुर, गोकलपुर (कुंभावास), बुड़ाना, बुड़ानी, रामगढ़, तुर्कियावास और कंवाली गांवों के किसान अपनी उपज लेकर आ सकेंगे।
कोसली एसडीएम विजय कुमार यादव ने बताया कि मंडी में बाजरा लेकर आने वाले किसानों को निर्धारित रोस्टर का पालन करना होगा। ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट लगी होना जरूरी है। किसानों को अपना आधार कार्ड भी साथ लाना होगा। प्रशासन का उद्देश्य मंडी में खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना है।
एसडीएम की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार कोसली में 12 अक्तूबर को चांदावास, लीलोढ़, गुड़ियानी, मसीत, परखोत्तमपुर, मुसेपुर, कोलाना की ढाणी, लिसान और गोरिया गांवों के किसान मंडी में बाजरा लेकर आ सकेंगे।
गांववार शेड्यूल जारी करने का उद्देश्य मंडी में एक साथ अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहुंचने से पैदा होने वाली अव्यवस्था को रोकना है। हालांकि, किसानों को जल्द गेट पास मिलने की उम्मीद में रात से ही कतार में लगना पड़ रहा है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की सुविधा और इंतजार का समय कम करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।