रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को आयोजित जेल भरो आंदोलन में पचास किसानों, श्रमिकों और कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। बाद में सबको छोड़ दिया गया। इससे पहले आंदोलनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते जिला मुख्यालय पहुंचे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी प्रदर्शनकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में एकत्र हुए। यहां सभा कर किसान और मजदूर संगठनों के नेताओं ने सरकार की नीतियों का विरोध किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे जहां गिरफ्तारी दी।
प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका समझौते को रद्द करने, श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने और रिक्त पदों को भरने की मांग की।
किसानों के लिए सभी फसलों की खरीद की गारंटी के साथ सी2+50 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार देने तथा किसान और मजदूरों के कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शकारियों ने बिजली संशोधन विधेयक-2025 वापस लेने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, आशा, मिड-डे मील और आंगनबाड़ी सहित योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की गई। मनरेगा को मजबूत करते हुए मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग भी रखी।
सभा को संयुक्त किसान मोर्चा जिला के अध्यक्ष अभय सिंह फिदेड़ी, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष रामकुमार नीमोठ, अमर सिंह, जय किसान आंदोलन के जिला अध्यक्ष पृथ्वी सिंह, बाबूलाल, एआईटीयूसी के जिला अध्यक्ष सतीश नाहड़, अजय कुमार, एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह एडवोकेट, जिला सचिव शेर सिंह मीरपुर, खेमचंद ढाकिया, महाशय मूलचंद, तारा देवी, संतोष और नगरपालिका कर्मचारी यूनियन के नेता शिवानंद ने संबोधित किया।