संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। किसानों के खातों से खरीफ-2025 फसल बीमा की प्रीमियम राशि काटने के बावजूद अब उन्हें प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल रहा। मामला पंजाब नेशनल बैंक की कुंड शाखा और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के बीच विवाद से जुड़ा है। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।
वहीं आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेता राजेंद्र सिंह ने मामले को किसानों के साथ बड़ा अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां करोड़ों रुपये का मुनाफा कमा रही हैं जबकि किसान मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि बैंक और बीमा कंपनी की लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और जिन किसानों का प्रीमियम कटा है उन्हें मुआवजा दिया जाए।
पीएनबी कुंड शाखा से जुड़े 258 किसानों की फाइलों को बीमा कंपनी ने अनपेड श्रेणी में डाल दिया है। बीमा कंपनी का कहना है कि इन किसानों की प्रीमियम राशि उन्हें प्राप्त ही नहीं हुई। कंपनी के अनुसार बैंक द्वारा चालान बनने के बाद राशि ट्रांसफर की जानी थी, जो नहीं हुई।
किसानों का कहना है कि बारिश से उनकी कपास और बाजरा की फसल पूरी तरह खराब हो गई लेकिन जब मुआवजे के लिए आवेदन किया तो उनका क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने कृषि विभाग में शिकायत देकर न्याय की मांग की है। उप निदेशक कृषि डॉ. जितेंद्र अहलावत ने कहा कि किसानों की शिकायत मिली है। बैंक और बीमा कंपनी से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।