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किसानों ने की कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग

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पंचायत में भाग लेते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को रामगढ़ भगवानपुर बस स्टैंड पर किसान पंचायत आयोजित की गई। इसमें किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेेबाजी करते हुए नए कृषि कानूनों, बिजली बिल संशोधित करने व एमएसपी की गारंटी को कानूनी दर्जा देने की मांग की।
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जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि केंद्र सरकार ने बगैर किसानों की बात सुने कृषि कानून पास कर दिए। उसके बाद हरियाणा सरकार ने बगैर किसानों की राय जाने भूमि अधिग्रहण कानून पास कर दिया। इससे साफ है कि ये सरकारें किसानों को दोनों हाथों से लूटना चाहती हैं। समय सिंह व कुलदीप सिंह ने कहा कि संशोधित बिजली बिल के लागू होने से तमाम सब्सिडी खत्म हो जाएंगी। गांवों में प्लॉट में लगने वाला बिजली मीटर घरेलू कनेक्शन की बजाय कामर्शियल का कनेक्शन लेना पड़ेगा। मास्टर धर्म सिंह ने कहा कि जब तक नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को गांव माजरा श्योराज में किसान- मजदूरों की बड़ी पंचायत होगी। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटी का गठन किया गया। जिसमें धर्म सिंह को प्रधान, मोहन, दयानंद, निरंजन, राकेश, शेर सिंह, सतीश, सावत सिंह, रामअवतार, पृथ्वी सिंह व बलवंत सिंह को सदस्य बनाया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर रामकिशन महलावत, अशोक विजय सिंह, रामकुमार, मोहन, समय सिंह, भजनलाल, पृथ्वी सिंह, विजय सिंह, नरेश कुमार, करतार सिंह, जगमाल सिंह, कुलदीप सिंह, ईश्वर सिंह महलावत, सतपाल सिंह, कैलाश चंद जांगड़ा, रामोतार आदि उपस्थित थे। किसान मजदूर पंचायत की अध्यक्षता सुमेर सिंह रामगढ़ ने की। वहीं मंच संचालन अभय सिंह ने किया।
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