रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में शनिवार सुबह बड़ी संख्या में किसान फसल बेचने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंचे। इस दौरान मंडी के दोनों गेटों के बाहर जाम लग गया जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय ही मंडी के बाहर वाहनों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गईं।
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गेट पास कटवाने में ही 10 से 20 मिनट तक का समय लग रहा था। ऊपर से बार-बार साइट डाउन होने के कारण प्रक्रिया और भी धीमी हो गई। इससे ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन लंबी होती गई और जाम की स्थिति पैदा हो गई। तेज गर्मी ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया। खुले में घंटों इंतजार करने को मजबूर किसानों को धूप और लू का सामना करना पड़ा।
मंडी में पहुंचे किसान सुनील व विजय कुमार ने बताया कि वे सुबह जल्दी फसल लेकर पहुंच गए थे लेकिन व्यवस्थाएं सुचारु न होने के कारण उन्हें काफी देर तक गेट के बाहर ही रूकना पड़ा।
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गेहूं के कुल 120 टोकन कटे
मंडी के आंकड़ों की बात करें तो गेहूं के कुल 120 टोकन कटे हैं। करीब 3,900 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई जिसमें से पूरी मात्रा की खरीद भी की गई है। इसके साथ ही 5 हजार क्विंटल गेहूं का उठान किया गया है जिससे मंडी में जगह बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं सरसों के 140 गेट पास काटे गए हैं। करीब 5 हजार क्विंटल सरसों की आवक हुई जबकि 7 हजार क्विंटल की खरीद दर्ज की गई है।
शुक्रवार को भी यही स्थिति देखने को मिली थी
शुक्रवार को भी मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। जाम के चलते किसानों को फसल उतारने में देरी हुई थी। जाम लगने का एक प्रमुख कारण सड़क की बदहाल स्थिति भी है। मंडी के बाहर का मार्ग लंबे समय से जर्जर पड़ा हुआ है जिसकी मरम्मत नहीं होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और कई हिस्सों में मार्ग संकरा हो गया है। इसी कारण थोड़ी भी भीड़ बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है।