दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के बीच बुधवार को किसान पैदल मशाल यात्रा पहुंची। यह मशाल यात्रा दुल्हेड़ा बाराह से शुरू होकर ढासा, टिकरी सिंघु, गाजीपुर व पलवल होते हुए खेड़ा बॉर्डर पहुंची। इस यात्रा का नेतृत्व राजपाल दूबलधन, योगेंद्र शास्त्री, हंसराज दूबलधन, रामकुंवार गोच्छी, राजबीर बादली, बब्लू नंबरदार, गुरविंदर सिंह पंजाब, मनजीत व पप्पू माजरा आदि ने किया। इसके साथ ही किसानों ने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगामी रणनीति को लेकर की गई घोषणाओं पर अमल के लिए भी मंथन किया गया।
बता दें कि 13 दिसंबर से ही हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। तापमान बढ़ने के बावजूद राजस्थान व अन्य जिलों से किसानों के जत्थे लगातार पहुंच रहे हैं। किसानों को समर्थन देने के लिए विभिन्न नेताओं का आना भी लगातार जारी है।
केएमपी के लिए भी रवाना होंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगामी कार्यक्रम की घोषणा की गई है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. संजय माधव ने बताया कि 6 मार्च को दिल्ली बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 100 दिन हो जाएंगे। उस दिन विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे पर 5 घंटे की नाकाबंदी होगी। यहां सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच जाम किया जाएगा। 8 मार्च को महिला किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 15 मार्च को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर निजीकरण विरोधी दिवस का समर्थन किया जाएगा।
इन नेताओं ने किया सभा को संबोधित
बुधवार को रामकिशन महलावत, हरजीत सिंह ढिल्लो, अनमोल सिंह जोशन, जयदीप, हरनाथ सिंह बुट्टर, हरगोबिंद सिंह, हरजीत सिंह ढिल्लो, मोहन फौजी, काला मंडार, सुखदेव सिंह, बलराज सिंह, ज्ञानी राजवीर सिंह, हरविंदर समाग, रणजीत गोदारा, ओम स्वामी, गोपाल सिंह बाजिया, सुमेर सिंह जेलदार, ईश्वर महलावत व छाजूराम रावत आदि ने संबोधित किया।