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दो सालों से किसानों को नहीं मिले ट्यूबवेल कनेक्शन, एसडीओ ज्ञापन लेने के लिए ऑफिस तक से बाहर नहीं आते, लोगों में रोष

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क्षेत्र के गांव सीहा, लुहाना, धवाना, मूंदी व निमोठ के ण्किसानों ने पिछले दो साल से सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से बुड़ौली पॉवर हाउस के समक्ष प्रदर्शन करते हुए एसडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री, एक्सइन कोसली व एसई रेवाड़ी के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए पिछले दो साल किसान वे दर-दर की ठोकर खा रहे हैं, जबकि कनेक्शन के लिए लाखों रुपये भी जमा कराए जा चुके हैं। लेकिन प्रदेश सरकार बिजली कनेक्शन के नाम किसानों को गुमराह करते हुए परेशान करने काम कर रही है।
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किसान महेन्द्र सिंह मूंदी, महाबीर सिंह धवाना, ब्यूटीराम धवाना, रामप्रवेश मूंदी, सरजीत चौहान मूंदी, राकेश कुमार निमोठ, रामपाल लुहाना, होशियार सिंहसीहा ने बताया कि वर्ष 2018 में किसानों ने सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेद किया था। जो राशि जमा होनी थी किसानों ने कर्ज लेकर वो भी जमा करवा दी। लेकिन दो साल से कनेक्शन नहीं मिला है। जिस कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। क्योंकि किसानों ने ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के लिए जो राशी जमा करवाई थी, वह कर्ज लेकर जमा करवाई थी। अब कनेक्शन तो मिला नहीं, उल्टा पानी खरीद कर सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में किसान को दोनों तरफ से मार पड़ रही है।
कैसे होगी किसानों की आय दोगुना
मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में किसानों ने कहा कि एक तरफ सरकार ने देश के किसानों की आय दोगुनी करने का अभियान चला रखा है, लेकिन प्रदेश सरकार इसके विपरीत किसान को परेशान करने में लगी हुई है। दो साल से किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए है। कर्जा लेकर ट्यूबवेल बना लेना तथा डेढ़ से दो लाख रुपये कन्सेंट मनी-अस्टीमेंट मनी के रूप में कराया था। किसानों ने बताया कि दिसंबर 2018 से सभी शर्तें पूरी की हुई हैं, उनको तुरंत प्रभाव से कनेक्शन जारी किए जाए।
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एसडीओ ज्ञापन तक लेने नहीं आए
किसानों ने बताया कि ज्ञापन लेने एसडीओ कार्यालय से बाहर नहीं आए, उसके स्थान जेई ने ज्ञापन लिया। ऐसे में प्रशासन की किसानों के प्रति गंभीरता को समझा जा सकता है।
1.45 लाख रुपये लिए थे कर्ज पर: महेंद्र
किसान महेन्द्र सिंह निवासी मूंदी ने बताया कि वर्ष 2018 में उसने अपने खेत में ट्यूबवेल सिंचाई हेतु बनवाया था। कर्ज लेकर बिजली कनेक्शन के लिए 1.45 लाख रुपये जमा करवा थे। लेकिन दो साल से बिजली कनेक्शन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। कर्जा बढ़ता जा रहा है। किसान की परेशान की देखते हुए प्रदेश सरकार जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान करे।
दो साल पहले ट्यूबवेल की खुदवाई कराई नहीं मिला कनेक्शन: ब्यूटीराम
किसान ब्यूटीराम निवासी धवाना ने बताया कि जैसे-तैसे कर खेत में कर्जा लेकर ट्यूबवेल की खुदवाई तो करवा दी। लेकिन दो साल वह चल नहीं पाया है। क्योंकि बिजली कनेक्शन की फाइल दो साल पेंडिंग पड़ी है। जबकि कर्जा लेकर बिजली कनेक्शन हेतु 1.98 लाख रुपये भी जमा करवा दिए थे। जिसका कर्जा बढ़ता जा रहा हैं, उलटा फसल में पानी खरीद कर दे रहे हैं।
किसानों के साथ हो रहा अन्याय: राकेश
किसान राकेश निमोठ ने बताया कि बिजली कनेक्शन न देकर सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। गरीब किसान जैसे-तैसे कर ट्यूबवेल खुदवाता है, फिर बिजली कनेक्शन के लिए कर्जा लेकर पैसे जमा करवाता है। फिर कनेक्शन नहीं मिलता है।
समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन: रामप्रसाद
किसान रामप्रसाद निमोठ ने बताया कि एक तरफ सरकार किसानों को नई योजना का प्रलोभन देकर खुश करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कनेक्शन के लिए कार्यालयों के दो साल से चक्कर लगवा रही है। अगर जल्द ही बिजली कनेक्शन नहीं मिला तो किसान आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
एक्सईएन व एसई के स्तर का है काम: एसडीओ
एसडीओ राजकुमार ने कहा कि किसानों को कहा गया था कि एक अंदर आ जाए, वे नहीं आए। इसके बाद जेई ने बाहर जाकर ज्ञापन लिया है। कनेक्शन का काम एक्सईएन व एसई के स्तर का है।
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