रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर पिछले 31 दिनों से धरना पर बैठे किसानों के कारण हाईवे बंद होने से परेशान पेट्रोल पंप संचालकों और ग्रामीणों द्वारा वीरवार को खेड़ा बॉर्डर पर महापंचायत की जाएगी। महापंचायत में आंदोलन करने का निर्णय लिया जा सकता है। दूसरी ओर बुधवार को मसानी बैराज धरना दे रहे किसानों ने रक्तदान शिविर लगाया, जिसमें 86 लोगों ने रक्तदान किया। वहीं किसान आंदोलन को अब स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। स्थानीय लोग भी दूध, सब्जी और अन्य सामान पहुंचाने लगे हैं। इसके साथ ही किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियों को जलाकर रोष प्रकट किया। किसान गणतंत्र दिवस पर दिल्ली कूच की तैयारी में जुट गए हैं, कुछ किसान लोहड़ी पर घर गए हुए हैं। ऐसे में 15 से 20 जनवरी के बीच मसानी बैराज और खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन 10 दिन से ज्यादा समय से बद हाईवे की एक लेन मसानी बैराज पर खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। दिन के समय में लेन को खोला जाएगा और रात में इसे बंद कर दिया जाएगा। इससे मालवाहक वाहन के साथ आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में 13 दिसंबर से राजस्थान, पंजाब और रेवाड़ी के किसान हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर और तीन जनवरी से मसानी बैराज पर पड़ाव डाले हुए है। किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस की ओर से कंटेनर और बैरिकेड लगाकर किसानों को यहीं रोक दिया है। इससे खेड़ा बॉर्डर पर करीब 120 पेट्रोल पंप, ढाबा और दुकानें पूरी तरह से ठप हो गई। इसके विरोध में पेट्रोल पंप संचालकों ने डीसी व एसपी से मुलाकात कर समाधान निकालने की मांग की थी, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
-मसानी बैराज पर 86 लोगों ने किया रक्तदान
लोहड़ी के अवसर पर किसानों ने मसानी बैराज पर ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बाहरी किसानों के साथ ही स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। शिविर में 100 से अधिक लोगों ने पंजिकरण कराया, जबकि 86 लोगों ने रक्तदान किया।
-स्थानीय लोग पहुंचाने लगे सामान
मसानी बैराज धरने पर बैठे किसानों को अब स्थानीय लोगों का भी साथ मिलने लगा है। सुबह-शाम आसपास के गांवों के लोगों द्वारा दूध से लेकर सब्जी और अन्य सामान आंदोलनरत किसानों केेे पास भेजा जा रहा है।
हर हाल में पहुंचेंगे दिल्ली
किसान राजाराम मील, अमराराम, तुषार घोष और उमा सरकार आदि नेताओं ने कहा कि कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी लड़ाई केंद्र सरकार से है। सरकार किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, लेकिन किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में हर हालत में हिस्सा लेंगे।
महापंचायत कर लेंगे आगे का निर्णय
पेट्रोल पंप संचालक व ब्लॉक समिति चेयरमैन बिरेंद्र छिल्लर ने कहा कि खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन न केवल पेट्रोल पंप ठप हो गए हैं, बल्कि हजारों से अधिक लोगों के रोजगार छिन गए हैं। इसका समाधान निकालने के लिए प्रशासन के अधिकारियों से लेकर किसान नेताओं से बातचीत की जा चुकी है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इससे परेशान होकर ग्रामीण और पेट्रोल पंप संचालक वीरवार को महापंचायत करेंगे।
खेडा बॉर्डर प्रदर्शन करते किसान। संवाद- फोटो : Rewari