सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 2015 में शुरू की गई कायाकल्प योजना के तहत शुक्रवार को फरीदाबाद से आई तीन सदस्यीय टीम ने करी 7 घंटे तक नागरिक अस्पताल में सफाई व्यवस्था से लेकर यहां पर मिलने वाले उपचार की तरीके को जांचा गया। टीम अपने साथ चेक लिस्ट लेकर आई थी, ऐसे में मौके पर ही मार्किंग भी की जा रही थी। प्रत्येक साल गुणवत्ता को लेकर होने वाली 100 नंबर की परीक्षा में कम से कम 70 नंबर लेने होते हैं। इससे कम आने पर व्यवस्था दयनीय मानी जाती हैं। बीते साल नागरिक अस्पताल इस परीक्षा में पास नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया था, ऐसे में पास के साथ मेरिट में आने की उम्मीद की जा रही है। मेरिट में आए तो नेशनल लेवल की रैकिंग के लिए फाइट की जाएगी।
व्यवस्थाओं को परखने के लिए आई टीम का नेतृत्व डॉ. राजेश कर रहे थे। इसके अलावा टीम में गुुणवत्ता व नर्सिंग सिस्टर कमलेश मौजूद थी। टीम सुबह साढ़े 9 बजे पहुंच गई थी। साढ़े चार बजे तक जांच करने के बाद टीम निकल गई।
चंडीगढ़ में जमा होगी रिपोर्ट, 15 दिन बाद रिजल्ट
टीम की ओर से सभी बिंदुओं की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। बताया गया है कि सोमवार को चंडीगढ़ मुख्यालय में जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी। करीब 15 दिन के बाद प्रदेश के सभी अस्पतालों की कायाकल्प रिपोर्ट जारी की जाएगी।
प्रदेश में अव्वल आने पर 50 लाख का इनाम
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2015 में कायाकल्प नाम से इस योजना को शुरू किया था। प्रदेश में अव्वल आने पर 50 लाख व दूसरे स्थान पर आने वाले अस्पताल को 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस श्रेणी में प्रदेश में दो अस्पतालों को ही चुना जाता है। इन दो अस्पतालों की रैकिंग फिर देश भर के अस्पतालों के साथ की जाती है। निरीक्षण में मिले नंबर के आधार पर देश भर की रैकिंग जारी होती है। बता दें कि 70 फीसदी से ज्यादा अंक आने पर सभी को कम से कम 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जरूर मिलती है।
निरीक्षण के दौरान एक पंखे में जमा मिली मिट्टी
जांच के दौरान टीम ने सफाई व्यवस्था से लेकर गायनी, ऑपरेशन थियेटर, रिकॉड कीपिंग, लैब, ब्लड बैंक व ट्रॉमा सेंटर में मौजूद मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। टीम को काफी हद सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई दी, लेकिन स्थान पर एक पंखे पर मिट्टी जमा हुई मिली।
बॉयोमेडिकल वेस्ट पर फोकस
टीम ने ऑपरेशन के दौरान रक्त आदि पड़ने के बाद वहां की सफाई व यहां से निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट के सिगरेशन पर ज्यादा फोकस रखा। इसका कारणा था कि ऑपरेशन के बाद मरीजों में इंफेक्शन न फैले। मेडिकल वेस्ट इधर-उधर पड़ा होने के कारण ही इंफेक्शन फैलता है।
एक माह से चल रही थी तैयारी
नागरिक अस्पताल को चमकाने की तैयारी एक माह से लगातार चल रही थी। डॉक्टर से लेकर प्रबंधन के लोग रात 10 बजे तक अस्पताल में समय देकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में लगे हुए थे। इसी का परिणाम था कि टीम व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आई। हालांकि अस्पताल कर्मियों को ड्रेस में पहली बार देखा जा रहा था। बेहतर तब होगा जब नंबर की बजाय इस व्यवस्था को लगातार इसी तरह से बनाकर रखा जाए।
उम्मीद है बेहतर आएगी रैंक : सीएमओ
सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि टीम ने निरीक्षण किया है। 15 दिन बाद परिणाम जारी किए जाएंगे। पहले के मुकाबले व्यवस्थाएं बेहतर थी। उम्मीद है कि इस बार अच्छे अंक मिलेंगे। व्यवस्थाओं के बेहरत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।