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Rewari News: गिरफ्तारी तो दूर... हादसे के जिम्मेदारों का ही नहीं चला पता

Thu, 28 Mar 2024 01:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित लाइफ लांग कंपनी में डस्ट कलेक्टर फटने के मामले में घटना के पीछे के जिम्मेदारों का पता नहीं चल पाया है। ऐसे में गिरफ्तारी तो दूर की बात है। जबकि हादसे को 11 दिन बीत चुके हैं। हालांकि, पिछले दिनों जिला प्रशासन की तरफ से राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र जरूर किया गया है कि इस मामले में बड़ी लापरवाही बरती गई है।
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लापरवाही कंपनी के अधिकारियों, ठेकेदार या मालिक किसके स्तर पर हुई है, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। मौजूदा समय में हरियाणा, यूपी और बिहार की जनता यह जानने को बेताब है कि इतने बड़े हादसे का जिम्मेदार आखिर कौन है। घटना के पीछे के जिम्मेदारों का पता लगाने के लिए औद्योगिक विशेषज्ञों की राय अब अहम कड़ी साबित होगी। औद्योगिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही अब राज्य सरकार मामले में कार्रवाई करेगी। क्योंकि इस मामले में कई ऐसे तकनीकी पहलू हैं जो बिना औद्योगिक विशेषज्ञों के हल ही नहीं हो सकते हैं। ऐसे में अब औद्योगिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार करना ही उचित रहेगा।

कंपनी मृतकों के आश्रितों और घायलों की डिमांड पूरी करने का कर रही प्रयास

मृतकों के आश्रितों और हादसे में झुलसे श्रमिकों को कंपनी की तरफ से मुआवजा राशि दी जा रही है। कुछ दिनों पहले 7 लाख का ऑफर दिया गया था, इसे ठुकरा दिया गया था। वहीं, अब पता चला है कि मृतकों के आश्रितों की जो डिमांड थी, कंपनी उसे पूरा करने में जुटी हुई है। साथ ही हादसे में जो श्रमिक बुरी तरह से झुलसे थे, उन्हें भी मुआवजा राशि बढ़ाकर दी जाने की बातचीत हुई है। अभी मुआवजा राशि कितनी दी जाएगी, यह कंफर्म नहीं हो पाया है। इतना जरूर है कि जो डिमांड की जा रही है, कंपनी उसे पूरा करने के प्रयास में जुटी चुकी है क्योंकि चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है। कई ऐसे श्रमिक भी थे जो घर में अकेले कमाने वाले थे।
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अब केवल मुआवजा ही आखिरी उम्मीद

हादसे में 30 प्रतिशत झुलसे राजकुमार ने बताया कि उन्हें 50 हजार अभी मिल चुके हैं। कंपनी और पैसा देने की बात कह रही है। उनके कुछ जानकारी ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है। मूल रूप से वह गोंडा के रहने वाले हैं। अभी अपने गांव पहुंच चुके हैं। अब केवल सभी यही चाहते हैं कि मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा मिले। मुआवजा ही आखिरी उम्मीद है।

हादसे में झुलसे थे 39 श्रमिक

बता दें कि 16 मार्च को धारूहेड़ा में स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाइफ लांग में शाम 5 बजकर 15 मिनट पर डस्ट कलेक्टर फटा था। कंपनी के श्रमिक राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पहले भी दो बार डस्ट कलेक्टर में शॉर्ट सर्किट हो चुका था। मगर तब ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। इसकी जानकारी कंपनी को थी। इस हादसे करीब 39 श्रमिक झुलसे थे, जिनमें से 14 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। अधिकतर श्रमिक यूपी के रहने वाले थे।
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मामले में पुलिस की तरफ से जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस मामले को लेकर काफी गंभीर है।

जगदीश चंद्र, प्रभारी, धारूहेड़ा थाना
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