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किसी भी अस्पताल में नहीं है रेडिएशन से बचाव की सुविधा

Tue, 15 Dec 2015 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
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 नागरिक अस्पताल में की एक्सरे लैब में रेडिएशन से बचाव के लिए कोई साधन नहीं है। डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों के साथ आने वाले व्यक्ति रेडिएशन से प्रभावित हो रहे हैं।
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लैब में न तो रेडियोलॉजिस्ट पर रेडियेशन से होने वाले प्रभाव का मापक टीएलडी बैज है, न ही एक्स-रे रिपोर्ट लेने आए एक्स-रे रूम के बाहर बैठे सैकड़ों मरीजों पर विकिरण के प्रभाव को रोकने के लिए लैड के दरवाजे। नियम कानूनों की बात करें तो प्रत्येक एक्स-रे रूम में टीएलडी बैज के साथ रूम के सभी दरवाजे भी लैड के होने चाहिए। खास बात यह कि नागरिक अस्पताल की इकलौती एक्स-रे मशीन से प्रतिदिन 200 मरीज एक्स-रे कराने आते हैं।

यह है,टीएलडी बैज.........
टीएलडी बैज एक्स-रे से रेडियोलॉजिस्ट पर पड़ने वाले विकिरण के प्रभाव को रोकने के लिए एक मशीन होती है। यदि एक ही रेडियोलॉजिस्ट लगातार एक्स-रे फिल्म बनाता रहता है तो उसके शरीर में रेडियेशन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ने से वह खतरनाक  बीमारियों के प्रभाव में आ सकता है। रेडियोलॉजिस्ट के शरीर में रेडियेशन ज्यादा न हो उसके लिए समय-समय पर टीएलडी बैज से रेडियेशन की मात्रा का मापा जाता है, लेकिन प्रदेश के किसी भी नागरिक अस्पताल में ऐसी सुविधा नहीं है। जिसके चलते प्रदेश के सभी रेडियोलॉजिस्ट को रामभरोसे छोड़ दिया गया है।
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अस्पताल में आने वाले मरीज ऐसे होते हैं, प्रभावित
शहर के नागरिक अस्पताल में आए दिन हजारों की ओपीडी होती है, जिनमें से लगभग 200 लोगों को एक्स-रे फिल्म के लिए चिकित्सक लिखते हैं। इन्हीं एक्स-रे फिल्म को बनवाने के लिए ये लोग एक्स-रे रूम के बहार पूरा दिन इंतजार करते रहते हैं। एक्स-रे रूम के बहार बैठे मरीजों पर रेडियेशन के प्रभाव को रोकने के लिए रूम के सभी खिड़की-दरवाजे लैड के बनाए जाते हैं। साइंस के मुताबिक एक्स-रे से निकलने वाले रेडियेशन को रोकने के लिए लैड ही कारगर होता है। लेकिन नागरिक अस्पताल में ऐसी कोई सुविधा नहीं है।
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पहले से ही अस्पताल में है रेडियोलॉजिस्ट का टोटा............
नागरिक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की दस पोस्ट प्रस्तावित हैं, लेकिन अब अस्पताल में केवल पांच लोग हैं, उनमें से भी तीन लोग डेपुटेशन पर अन्य जिलों  में लगाए हुए हैं। यदि अस्पताल का एक भी रेडियोलॉजिस्ट रेडियेशन के प्रभाव में आ गया तो उसके साथ एक्स-रे कराने वाले और उनके साथ आने वाले लोग प्रभावित होंगे।

यह हो सकती हैं बीमारियां.......................
एक्स-रे से निकलने वाला रेडियन शरीर के लिए सबसे खतरनाक रेडिएशनों में से एक है। रेडियेशन से होने वाली सबसे खतरनाक बीमारी कैंसर होती है। वहीं इसी के  साथ  त्वचा से लेकर अन्य खतरनाक बीमारियां होने का डर भी बना रहता है। इसी के साथ वायुमंडल में रेडियेशन के फैलने से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं।
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एक्स-रे रेडियेशन से कैंसर होने की संभावना सबसे अधिक होती है। लेकिन प्रदेश सरकार ने किसी भी अस्पताल में टीएलडी बैज नहीं लगाया हुआ है। कल ही नागरिक अस्पताल के दौरे पर आए अतिरिक्त् मुख्य सचिव पीके महापात्रा को भी इसके लिए कहा था।
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जयपाल तंवर, रेडियोलॉजिस्ट, नागरिक अस्पताल
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