किसान भवन में बैठक करते भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारी। स्रोत : यूनियन
रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) जिला इकाई की आपात बैठक किसान भवन में आयोजित की गई। इसमें लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर चिंता जताई गई। बैठक में प्रधान समय सिंह ने कहा कि लगातार खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
कई स्थानों पर गेहूं की बालियों में ही अंकुरण शुरू हो गया है जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस स्थिति में उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। किसान नेताओं ने सरकार की ओर से लागू की गई बायोमीट्रिक प्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि यह व्यवस्था किसान विरोधी है जिसके चलते किसान मंडियों में गेहूं लाने से बच रहे हैं। भय के कारण कई किसान गेहूं घरों में ही रखे हुए हैं। यूनियन ने मांग की है कि बायोमीट्रिक प्रणाली को दो-तीन दिन के भीतर हटाया जाए।
इसके अलावा, जिला प्रशासन से मांग की गई कि पूरे जिले में फसलों के नुकसान का सर्वे करवाकर पोर्टल तुरंत खोले जाएं ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके। किसानों ने कहा कि जितना नुकसान हुआ है, उसके अनुसार सरकार को उचित मुआवजा देना चाहिए।
बैठक में जिला प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, शीशराम, राजकुमार, ब्लॉक प्रधान पूनम, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, ओपी लोहाणा, राज सिंह ढिल्लों, रोशन लाल दरोगा आदि मौजूद रहे।