रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की तरफ से आयोजित एनएसएस के सात दिवसीय शिविर के पांचवें दिन विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार ने वर्चुअल और वास्तविक जीवन के बीच अंतर बताया।
दिन की शुरूआत योग सत्र से हुई। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वर्ग लोक आश्रम में स्वच्छता अभियान चलाया और स्वच्छता का संदेश दिया।
इसके बाद अतिथि व्याख्यानों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार ने वर्चुअल और वास्तविक जीवन के बीच अंतर मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आज के डिजिटल युग में लोग वर्चुअल दुनिया में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जिससे वास्तविक जीवन के संबंध और अनुभव प्रभावित होते हैं।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, सोशल मीडिया के प्रभाव तथा वास्तविक जीवन में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे व्यक्ति को वास्तविक जीवन में सक्रिय रहकर अपने व्यक्तित्व को विकसित करना चाहिए।
इसके पश्चात प्रो. करण सिंह ने एनएसएस शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और सेवा भाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी न केवल समाज की सेवा करते हैं, बल्कि अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास भी करते हैं।
इसके बाद एनएसएस स्वयंसेवकों ने विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लिया, जिनमें 100 मीटर दौड़, बोरी दौड़ और रस्साकसी शामिल रहे। इन खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना और उत्साह देखने को मिला।
शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।