रेवाड़ी। मानसून से पहले शहर के नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस वर्ष 61 लाख रुपये की राशि 20 से अधिक नालों की सफाई पर खर्च की जाएगी। नगर परिषद अधिकार क्षेत्र में स्थित दिल्ली रोड, नारनौल रोड, झज्जर रोड, कालका रोड, गढ़ी बोलनी रोड, मॉडल टाउन (शिशु शाला स्कूल से सोनू जूस कॉर्नर वाया गांधी चौक), अपना बाजार से माता चौक से होटल मिनी महल, अग्रसेन चौक से भाड़ावस गेट और अभय सिंह चौक से राजेश पायलट चौक तक नाले की सफाई 23.83 लाख से होगी। वहीं, हनुमान मंदिर बड़ा तालाब से अग्रसेन चौक (दाहिनी ओर) की ओर अम्बेडकर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, झज्जर चौक, रेलवे चौक, नाई वाली चौक होते हुए मुख्य सर्कुलर रोड के किनारे बने बरसाती नाले की सफाई व गाद निकालने के लिए 12 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। मुख्य सर्कुलर रोड पर अंबेडकर से बावल चौक (बाएं तरफ) होते हुए झज्जर चौक, रेलवे चौक, नाई वाली चौक तक नाले की सफाई पर 14.14 लाख रुपये खर्च होंगे। गली चैंबर बास रोड से बैंक ऑफ बडौदा तक नाले की सफाई पर करीब 9.71 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 2 लाख की राशि अन्यों नालों की सफाई पर खर्च की जाएगी।
नालों से संबंधित कार्य करवाने व सुझाव के लिए मांगे थे आवेदन
नगर परिषद इस बार मानसून से पहले शहर में नालों की सफाई करवाने को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहा है। इसी वजह से 21 मार्च तक नालों से संबंधित कार्य करवाने व सुझाव के लिए आवेदन मांगे गए थे। शहरवासी बताते हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है जब नालों से संबंधित कार्यों व सुझाव के लिए आवेदन मांगे गए। उसके बाद फील्ड में जाकर नालों की स्थिति को भी चेक किया गया। तब जाकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पिछले वर्ष 36.79 लाख रुपये नाले की सफाई पर खर्च किए, नहीं दिखा कार्य
बीते वर्षों की बात करें तो हर साल नालों की सफाई पर नगर परिषद की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए गए, मगर स्थिति हमेशा बदहाल ही रही। नगर परिषद ने जुलाई 2024 में मुख्य सर्कुलर रोड, दिल्ली रोड, अग्रसर चौक से भाड़ावास गेट और पंजाबी पोटरी नाले की सफाई के लिए 36.79 लाख रुपये का टेंडर लगाया था। आज भी इन नालों की सफाई आधी अधूरी है। जगह-जगह स्थिति बदहाल है। कई नालों की तो कनेक्टिविटी भी नहीं है। नाले जगह-जगह से टूटे पड़े हैं।
नालों की सफाई की नहीं मरम्मत की ज्यादा जरूरत:
बता दें कि नालों की सफाई की नहीं मरम्मत की ज्यादा जरूरत है। नालों की सफाई को लेकर बड़े पैमाने पर शहरवासियों ने इसका मुद्दा भी उठाया था। तब नगर परिषद की काफी किरकिरी हुई थी। इधर, जनवरी में जब सीएम फ्लाइंग की टीम ने नगर परिषद में जांच की थी, तब नालों को भी चेक किया गया था। जिसमें पाया गया था कि नाले काफी जगह गंदगी व कूड़े से अटे हुए हैं तथा खुले नालों पर भी कई जगह जाली भी नहीं डाली हुई थी।
इन क्षेत्रों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर के नागरिक अस्पताल, नई आबादी, राजीव नगर, माॅडल टाउन, अनाज मंडी, बस स्टेंड, पुरानी सब्जी मंडी, कटला बाजार, रेलवे स्टेशन, ऑटो मार्केट, नाईवाली चौक, सती कॉलोनी, कृष्णा नगर, शक्तिनगर पुराना व नया हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
वर्जन:
मानसून के दिनों में जलभराव से मुक्ति दिलाने को लेकर नगर परिषद हमेशा से गंभीर रही है। इस बार पहले से ही नगर परिषद की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई है, ताकि मानसून के दिन में शहरवासियों को जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल सके। नालों की सफाई का कार्य भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू करवा दिया जाएगा।
पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।