संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रतिबंध के बाद भी सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। स्थिति यह है जिले में प्रतिदिन 110 से 120 टन कूड़ा निकलता है जिसमें 30 फीसदी से अधिक प्लास्टिक होता है। कचरे को कम करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए वैश्विक रीसाइक्लिंग दिवस 18 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि यह न तो अपघटित होते है और न ही इन्हें जलाया जा सकता है। इनके टुकड़े पर्यावरण में जहरीले रसायन छोड़ते है जो इंसान और जानवरों के लिए घातक हैं। पॉलिथीन पशुओं के लिए भी जानलेवा है। प्लास्टिक खाने से पशुओं की मौत भी हो जाती है। इसको लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 स्थित रामसिंहपुरा डंपिंग यार्ड में पडे़ लाखों टन कचरे का निस्तारण होना बाकी है। इस पर करीब 24.23 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
सोनीपत के मुरथल में स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से कराई गई गणना में यहां 2 लाख 85 हजार टन (एक टन का मतलब 1 हजार किलोग्राम) से अधिक का कचरा मिला था। रेवाड़ी, नारनौल, अटेली, धारूहेड़ा, बावल, महेंद्रगढ़ मानेसर से कूड़ा आता रहा है। यहां पर आसपास के गांव के लोग काफी परेशान हैं। फिर भी स्थिति बदहाल है। बिना निस्तारण की व्यवस्था के कचरा डालने से यहां कचरे का पहाड़ सा बना गया है। संवाद
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कार्रवाई के बाद भी पॉलीथिन के इस्तेमाल पर अंकुश नहीं
कार्रवाई के बाद भी पॉलीथिन के इस्तेमाल पर अंकुश नहीं लगा है। नगर परिषद की ओर से जुलाई 2022 में 30 मार्च 2023 में 23, मई में 35 व जून में सबसे ज्यादा 33 चालान काटे थे। इसके बाद से अभियान सुस्त पड़ा हुआ है। नगर परिषद की ओर से जुलाई 2022 से जून 2023-24 तक करीब 200 चालान काटकर साढ़े 3 लाख रुपये वसूले गए थे, जिसमें 56 किलोग्राम पॉलीथिन को जब्त किया गया था। जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले वर्ष 16 विभागों को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किया था। केंद्र सरकार ने पर्यावरण प्रदूषण के खतरे को देखते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरे देश में 1 जुलाई 2022 से पाबंदी लगा दी थी।
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वर्जन
लोगों से अपील है कि वह पॉलीथिन का इस्तेमाल ना करें। खुद से भी जागरूक होना पड़ेगा। हम जितने जागरूक होंगे, उतना ही पर्यावरण का नुकसान होने से बचाया जा सकता है।-हरीश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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पर्यावरण को बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। सफाई पर विशेष ध्यान दें, कूड़ा-करकट इधर-उधर ना फैलाएं। जितने लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक होंगे, उतना ही पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी।-प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन।