संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में अतिक्रमण के चलते प्रमुख मार्गों पर 40 फीट चौड़ी सड़क 10 फीट में सिमट गई है। त्योहारी सीजन में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से आए दिन जाम लग रहा है जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। जाम के चलते ग्राहकों को दुकानों पर पहुंचने में परेशानी हो रही है जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। इसको लेकर व्यापारी भी परेशान हैं।
बाजारों और प्रमुख मार्गों पर दुकानदारों व रेहड़ी-फड़ी वालों ने फुटपाथ से लेकर सड़क तक अतिक्रमण कर लिया है। इसके कारण पैदल चलने वालों को परेशानी होती है। वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अतिक्रमण के चलते ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं, जिससे कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर परिषद अधिकारियों को शिकायतें की हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई महज दिखावे तक सीमित रहती है। कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
त्योहारों के नजदीक आने से बाजारों में भीड़ बढ़नी तय है। ऐसे में अगर समय रहते नगर परिषद ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो अतिक्रमण और जाम की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
शहर में दिनों-दिन बढ़ रहे अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद की टीम ने बीते दिनों मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों से रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाने के साथ-साथ फुटपाथों को खाली कराया था। बाद भी फिर अतिक्रमण हो गया।
यहां अक्सर लगता है जाम
शहर के नाईवाली चौक, आंबेडकर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, झज्जर चौक व रेलवे चौक पर दुकानें व रेहड़ियां अधिक होने व वाहनों का आवागमन अधिक होने के कारण हर समय जाम लगा रहता है। यहां हर वक्त पुलिस कर्मी भी तैनात होते हैं। उसके बाद भी यहां जाम की समस्या रहती है। रोड के दोनों ओर रेहड़ियों के कारण रोड संकरी हो गई है। सर्कुलर रोड पर दुकानदारों ने सड़क पर सामान रख देते हैं। इस रोड पर वाहनों का अधिक दबाव रहता है। ऐसे में अतिक्रमण के चलते जाम लगता है। शहरवासियों का कहना है कि नगर परिषद अपना राजस्व जुटाने के लिए स्वयं शहर में अतिक्रमण को बढ़ावा दे रही है। शहर में लगने वाली हर रेहड़ी और फड़ी से नगर परिषद राजस्व वसूलती है। दिखावे के लिए केवल कुछ रेहड़ी वालों को निशाना बनाया जाता है। यह बिल्कुल उचित नहीं है।
क्या कहना है व्यापारियों का:
-शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए सभी को मिलजुल कर प्रयास करने की जरूरत है, जिससे कारोबार भी सुचारु रहे और शहर भी। अतिक्रमण की समस्या को बढ़ावा देने वालों पर नगर परिषद को समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।-दीपेश भार्गव, व्यापारी।
-बाजार में अतिक्रमण को लेकर कई बार बैठक हुई। योजनाएं बनती है लेकिन उनपर अमल नहीं होता है। शहर की सरकार को पांच साल होने को आ रहे हैं लेकिन जाम को खत्म करने के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं हुई।-प्रदीप जैन, व्यापारी
-शहर में अतिक्रमण कर रहे लोगों को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। दुकान के बाहर अपना सामान हद में रहकर रखना चाहिए ताकि ग्राहक को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। अतिक्रमण कम होगा तो कारोबार में बढ़ोतरी होगी।-अभिषेक गुप्ता, व्यापारी
-शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। रेहड़ी व फड़ लगाकर बैठे छोटे दुकानदार तो कई बार झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। फुटपाथ पर जहां बाइक आदि खड़ी की जा सकती है, वहां पर फड़ लगा रखी है। इससे वाहनों के लिए भी बड़ी समस्या है।-शिवम, राहगीर
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वर्जन
बाजार में अतिक्रमण करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी है। फिर भी कहीं लोगों को परेशानी आ रही है तो शिकायत दें। वहां पर टीम भेजकर कार्रवाई करा दी जाएगी।- ब्रह्मप्रकाश अहलावत, डीएमसी, रेवाड़ी।