संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। किशनलाल पब्लिक कॉलेज के आईक्यूएसी और रिसर्च सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का समापन हुआ। इसमें हरित घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
समावेशी दृष्टिकोण : विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी का उभरता हुआ अंतरसंबधन विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. विजय कुमार ने डिजिटल वेस्ट को कम करते हुए हरित-घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्राचार्य डॉ. कविता गुप्ता ने कॉन्फ्रेंस संचालकों को सफल आयोजन की बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन करते रहने के लिए प्रेरित किया।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. तेज सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान, कला और वाणिज्य का समागम नए शोधार्थियों के साथ-साथ सामाजिक उत्थान के लिए भी आवश्यक है। गेस्ट ऑफ ओनर, डीन अकेडमिक अफेयर्स, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय से डॉ. मंजू प्रूथी ने आयोजन मंडल को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।
पोस्टर प्रस्तुतियों में विज्ञान संकाय के बीएससी नॉन-मेडिकल चौथे सेमेस्टर के आकाश और सत्यम ने प्रथम स्थान, नेहा और अंजलि ने द्वितीय स्थान तथा बीसीए छठे सेमेस्टर के रितिका और बीसीए चतुर्थ सेमेस्टर की कमलेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कला संकाय के द्वितीय सेमेस्टर की अंजलि और कामाक्षी ने प्रथम, कुमुद और पायल ने द्वितीय और बीए छठे सेमेस्टर की अंशु शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाणिज्य संकाय के छठे सेमेस्टर से मनीष कुमार और मुकुल जैन ने प्रथम, गुनगुन और प्रेरणा ने द्वितीय तथा चौथे सेमेस्टर की सुप्रिया और रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विभिन्न तकनीकी सत्रों में गवर्नमेंट कॉलेज खरखड़ा की असिस्टेंट प्रो. कविता तथा केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनु कुमार भांडोरिया संयुक्त रूप से तथा कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद प्रकाश साथ ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा की शोधार्थी कुमारी सुप्रिया की शोध पत्र प्रस्तुतियां सर्वश्रेष्ठ रही।