रेवाड़ी। आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी पर रेलवे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने 16 जनवरी को यूनियन कैबिनेट की बैठक में आयोग के शीघ्र गठन की घोषणा की थी, लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी आयोग का गठन नहीं किया। न ही इसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
एसोसिएशन के संरक्षक मदन लाल ने कहा कि किसी भी वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने और रिपोर्ट देने में कम से कम एक वर्ष का समय लगता है। ऐसे में यदि 8वें वेतन आयोग का गठन शीघ्र नहीं हुआ तो 1 जनवरी 2026 से नए वेतनमान लागू होना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने इसे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों की अनदेखी करार दिया है। बताया कि इस समय केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) मिल रही है, जो 1 जुलाई से बढ़कर 58 प्रतिशत होने की संभावना है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तब सरकार को चाहिए कि वह वेतन आयोग का गठन कर समय पर वेतनमान लागू करे। रेलवे कर्मचारी संगठनों ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की उम्मीदों और आशंकाओं को देखते हुए तुरंत आदेश जारी कर 8वें वेतन आयोग का गठन किया जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि आयोग अपनी सिफारिशें कब तक देगा और किस रूप में लागू होंगी। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कर्मचारियों व पेंशनर्स में असंतोष और गहरा सकता है।