भारतीय जनता युवा मोर्चा ने रविवार को जिले में बदहाल बिजली, पेयजल आपूर्ति आदि समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बिजली मंत्री के आवास के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के मद्देनजर सुबह से ही बिजली मंत्री के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस टीम ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं को बिजली मंत्री के आवास तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया।
भाजयुमो कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सतीश खोला के नेतृत्व में 11 बजे बावल चौक पर इकट्ठे हुए और प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड, मॉडल टाउन से होकर बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव के आवास तक पहुंचे। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती आवास के बाहर की गई थी। जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने संबोधन में कहा कि जिले में बिजली आपूर्ति के साथ पेयजल संकट से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है।
शहर के साथ गांवों में अघोषित कटौती के कारण परेशानी बढ़ रही है। हल्की सी बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने 10 जून को दो घंटे तक धरना देकर समस्याओं के समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। अरविंद यादव और सत्यदेव यादव ने कहा कि राज्य और जिला में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई गई है और अपराधियों में पुलिस के प्रति कोई खौफ नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान जब भाजपा कार्यकर्ता बिजली मंत्री के आवास के नजदीक पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और विरोध प्रदर्शन करने पर हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने भाजपा नेताओं को हिरासत में लेकर दूर छोड़ दिया।
बस में बैठने की लगी होड़
पुलिस ने जब भाजपाइयों को बिजली मंत्री के आवास के बाहर रोककर हिरासत में लेना शुरू किया तो कार्यकर्ताओं ने कहीं से भी पुलिस से जूझने का प्रयास नहीं किया। अपितु पुलिस के कहने भर से तुरंत ही हिरासत में लेने को लगाई गई पुलिस की बसों में चढ़कर बैठ गए। इनमें भी पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी थे।
गांवों में बदहाल है व्यवस्था
जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती लगातार बढ़ रही है। निगम ग्रामीण क्षेत्रों में तय शेड्यूल के अनुसार घरेलू सप्लाई के लिए पूरी रात और सुबह शाम के समय बिजली आपूर्ति का समय तय कर रखा है। स्थिति यह बनी हुई है कि रात के समय भी बिजली की अघोषित कटौती चल रही है। इतना ही दिन के समय पेयजल आपूर्ति के लिए तय समय में भी कटौती की जा रही है जिस कारण पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। दिन के समय तो अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति ही नहीं हो पाती है। पिछले दिनों आए अंधड़-बारिश के बाद भी अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति में बाधा पैदा हो जाती है और शिकायतों के कई दिनों बाद तक आपूर्ति बहाल होती है।