नारनौल। गर्मी के चलते जिले में बिजली की खपत में करीब 36 प्रतिशत की बढ़ गई है। जिसके कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में फ्रिज, कूलर, पंखे व एसी सहित अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग भी बढ़ा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण सिंचाई के कार्य के लिए भी बिजली की खपत बढ़ी है। वहीं, ओवरलोड के कारण लाइन में फॉल्ट की संख्या बढ़ गई है।
25 जून से पहले जिले में बिजली की खपत 35 से 40 लाख यूनिट के बीच थी लेकिन 26 जून से 29 जून तक बिजली की खपत में लगातार बढ़ोतरी बनी हुई है। 28 जून को खपत 60 लाख यूनिट तक पहुंच गई।
किसी भी क्षेत्र में एक निश्चित समय पर बिजली की जितनी मांग होती है, उसे मेगावाट लोड में मापा जाता है। यह लोड दिनभर बिजली की खपत के हिसाब से घटता-बढ़ता रहता है। इन दिनों गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी हुई है और दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पीक समय के दौरान जिले में बिजली का लोड 250 से 300 मेगावाट तक बना रहता है।
फॉल्ट की समस्या भी बढ़ी :
अधिक लोड के कारण बिजली लाइन में फॉल्ट की संभावना अधिक रहती है। फॉल्ट के कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिजली आपूर्ति संबंधित शिकायतों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में शिकायतें 250 से 300 के आस-पास रहती है, लेकिन इन दिनों 400 से 500 तक बनी हुई है।
एक सप्ताह के दौरान बिजली खपत पर एक नजर :
दिन खपत
23 जून 35.14 लाख यूनिट
24 जून 35.31 लाख यूनिट
25 जून 37.86 लाख यूनिट
26 जून 43.08 लाख यूनिट
27 जून 45.94 लाख यूनिट
28 जून 60.02 लाख यूनिट
29 जून 48.84 लाख यूनिट
वर्जन :
जिले में बिजली आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। आमजन से अपील है कि आवश्यकता अनुसार बिजली उपकरणों का उपयोग करें और फॉल्ट ठीक करते समय बिजली कर्मचारियों का सहयोग करें।
जोगेंद्र हुड्डा, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, नारनौल।