राजकीय कन्या महाविद्यालय में जिला परिषद एवं पंचायत समिति में जीते उम्मीदवारों के समर्थकों ने जीत की खबर सुनते ही मुख्य गेट पर एक दूसरे को गुलाल लगाकर तो किसी ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। मतगणना स्थल से कुछ दूरी पर समर्थकों ने डीजे आदि गाड़ियों में लगाए हुए थे। रिजल्ट जारी होने के बाद जीते हुए प्रत्याशी जुलूस के साथ रवाना हुए। समर्थकों ने उन्हें मालाएं पहनाई। समर्थन में नारे भी लगाए।
वहीं हारे उम्मीदवार चेहरे लटकार धीरे से मतदान केंद्र के अंदर से खिसक लिए। उम्मीदवार सुबह के समय मतदान केंद्र में प्रवेश करते हुए खिलखिला रहे थे, वहीं हारने पर उनके चेहरे लटके हुए थे। कई प्रत्याशी तो काउंटिंग के आखिरी चरण से पहले ही बाहर आ गए। उम्मीदवार जीत का संदेश लेकर बाहर आए तो समर्थक गले मिलकर बधाई देने के साथ आतिशबाजी चलाकर खुशियां मनाने में लगने लगे। वहीं कुछ उम्मीदवारों के समर्थकों ने एक दूसरे पर गुलाल लगाकर खुशियां मनाई।
पंचायत समिति नाहड़ के वार्ड-1 का सबसे पहले 8.55 पर आया पहला रिजल्ट बृहस्पतिवार को जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव की मतगणना के दौरान सबसे पहला परिणाम पंचायत समिति नाहड़ के वार्ड-1 से नीलम कुमारी की जीत के साथ आया। इसके बाद दूसरा रिजल्ट भी 9 बजकर पांच मिनट पर पंचायत समिति वार्ड-3 की एकता की जीत का ही आया। इसके बाद पंचायत समिति के पांचों ब्लॉकों के चुनाव परिणाम एक के बाद एक आने शुरू हो गए। वहीं जिला परिषद का पहला रिजल्ट वार्ड-1 से मनफूल के विजयी होने के साथ 10.55 मिनट पर आया, हालांकि सभी उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा बाद में की गई।
वोटों का लगाते रहे गुणा भाग
मतगणना स्थल गर्ल्स कॉलेज परिसर में प्रत्याशियों के एजेंटों की खासी भीड़ रही। यहां पर प्रत्याशी और उनके एजेंट हर राउंड पर गुणा भाग लगाते रहे। किस बूथ पर किसे कितने वोट मिले। कुछ तो दूसरे इलाकों में पिछड़ने के बावजूद अपने इलाके की ईवीएम में ज्यादा वोट मिलने को लेकर चर्चा करता रहा तो कोई यह जोड़ लगाता रहा कि किस गांव से उसे कितने वोट मिले।
अव्यवस्था को कोसते रहे एजेंट एवं उम्मीदवार
बृहस्पतिवार को जिला परिषद एंव पंचायत समिति के चुनाव की मतगणना का समय सुबह आठ बजे से था, लेकिन साढ़े नौ बजे तक भी एजेंट एवं उम्मीदवार लाइनों में काउंटिंग सेंटर के अदर जाने के लिए लगे रहे। वहीं काउंटिंग सेंटर के अंदर भी रिज्लट सुनाए जाने के लेकर भी कुछ उम्मीदवार व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए। काउंटिंग एजेंटों का कहना था कि वह सात साढ़े सात बजे ही यहां पर आ गए थे लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें अंदर जाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े किए रखा।
550 पुलिस कर्मी लगे थे मतगणना केंद्र पर
मतगणना के दौरान कोई गडबड़ी न हो, उसके लिए पुलिस की ओर से चाक-चोबंध इंतजाम किए गए थे। यहां पर जिले के सभी डीएसपी, एसएचाओ के साथ खुद पुलिस एसपी बलवान सिंह राणा ने मोर्चा संभाला हुआ था। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग एवं एसपी मतगणना केंद्र पर आखिर परिणाम तक डटे रहे। सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि एक-एक व्यक्ति के जांच करने के बाद ही मतगणना केंद्र के अंदर जाने दिया जा रहा था, वहीं सभी एजेंटों एव उम्मीदवारों के फोन भी बाहर ही जमा करवा लिए गए थे।