रेवाड़ी। शहर में एक माह में बेसहारा गोवंशों के हमले में दो बुजुर्गों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं को लेकर पशुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी कि शुक्रवार को सब्जी मंडी के पास गांव धनोरा निवासी अजीत (56) पर एक गाय ने हमला कर दिया जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं।
सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। बुजुर्गों के लिए शहर की सड़कें और बाजार अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पैदल चलने वाले बुजुर्गों पर पशुओं के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उम्र अधिक होने के कारण बुजुर्ग ऐसे हमलों के दौरान खुद को संभाल नहीं पाते और गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
सवाल यह है कि नगर परिषद की ओर से हर वर्ष पशुओं को पकड़ने के बाद भी इनकी संख्या में अपेक्षित कमी क्यों नहीं आ रही है। नगर परिषद के सर्वे के अनुसार शहर में करीब 3500 बेसहारा गोवंश हैं। हर साल औसतन करीब 1500 पशुओं को पकड़ने का दावा किया जाता है।
वर्ष 2021 में करीब 1300 पशु पकड़े गए थे। इसके बाद 2022, 2023 और 2024 में अभियान में तेजी आई तथा 1800 से अधिक पशु पकड़े गए। इसके बावजूद सड़कों पर पशुओं की संख्या कम नहीं हुई। नगर परिषद के सामने दूसरी बड़ी चुनौती गोशालाओं की क्षमता भी है।
कई बार गोशालाएं भर जाने के कारण पकड़े गए पशुओं को रखने में परेशानी आती है। नगर परिषद का कहना है कि धारूहेड़ा स्थित गोशाला की क्षमता बढ़ाई गई है, लेकिन पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था चुनौती बनी हुई है।
29 पशुपालक किए गए थे चिह्नित
वर्ष 2025 में पशुओं की संख्या कम नहीं होने पर नगर परिषद ने समस्या की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया था। जांच के दौरान ऐसे 29 पशुपालकों को चिह्नित किया गया था, जो अपने पशुओं को खुला छोड़ देते थे। नगर परिषद ने ऐसे पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी। इसके बावजूद पशुओं को खुले में छोड़ने की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। पिछले दिनों बेसहारा पशु के हमले में हुई बुजुर्ग की मौत के मामले में एक पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जबकि दूसरी घटना में मामला दर्ज नहीं हुआ।
-
18 दिन बीते, मगर सड़कों से कम नहीं हो रही गायें
5 अगस्त को सेक्टर-4 निवासी 80 वर्षीय रिटायर्ड कैप्टन जगराम यादव स्कूटी पर सब्जी लेकर लौट रहे थे। धक्का बस्ती मोहल्ला के निकट दौड़ते आ रहे दो गोवंश ने स्कूटी को टक्कर मार दी। 11 अगस्त को वार्ड 17 निवासी प्रताप सिंह यादव (75) सुबह सैर के लिए निकले थे। घर से कुछ ही दूरी पर माता चौक के पास गायों का झुंड था। वह एक गाय को रोटी खिलाने लगे। इसी दौरान एक गाय ने हमला कर दिया। दोनों बुजुर्गों की मौत हो गई। इसके बाद भी गायों के हमले में घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आरोप हैं कि ज्यादातर गायें पालतू हैं। प्रशासन ने इन्हें गोशाला भेजने का दावा किया है, लेकिन बुजुर्गों की मौतों को 18 दिन बीतने के बाद भी गायों की संख्या सड़कों से घटती नजर नहीं आ रही।
वर्जन
पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद की तरफ से रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए लगातार अधिकारी कार्य कर रहे हैं।- विनीता पीपल, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
मृतक जगराम यादव
मृतक जगराम यादव
मृतक जगराम यादव