रेवाड़ी। दिल्ली- जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर लगा लंबा जाम। संवाद
रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुग्राम में बन रहे बिलासपुर और राठीवास कट फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण के कारण यात्रियों को हर रोज घंटों लंबे जाम से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में रेवाड़ी - पटौदी-गुड़गांव एनएच 352 डब्ल्यू को केएमपी तक खोलने का प्रयास है। इससे एनएच 48 पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।
रेवाड़ी सीमा से निकलते ही गुरुग्राम की ओर बढ़ते समय वाहनों की लंबी कतारें आम बात हो गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि बिलासपुर फ्लाईओवर को 6 माह में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है।
क्योंकि काम की गति उतनी तेज नजर नहीं आ रही, जिससे लगे कि यह कुछ माह में पूरा हो जाएगा। रेवाड़ी से गुरुग्राम का जो सफर 1 घंटे कुछ मिनट में पूरा हो सकता है। जाम की वजह से उसमें अब 2 घंटे से भी अधिक का समय लग रहा है।
यात्रियों को प्रतिदिन 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक जान में फंसे रहना पड़ता है। मात्र 4-5 किलोमीटर के दायरे में दो फ्लाईओवर का काम एक साथ चलने से यह समस्या और भी विकराल हो गई है।
रेवाड़ी-पटौदी-गुड़गांव हाईवे को खोलने की तैयारी
एनएच 352 डब्ल्यू को दिल्ली जयपुर हाईवे के बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह नेशनल हाईवे रेवाड़ी को पटौदी के रास्ते गुरुग्राम से जोड़ता है। यह मार्ग खुलने होने से एनएच-48 पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। विशेष रूप से रेवाड़ी से गुड़गांव दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को एक सीधा और सुगम रास्ता मिलेगा। हालांकि इस हाईवे का निर्माण भी पिछले 3 वर्षों से चल रहा है, लेकिन कुछ फ्लाईओवर और हिस्सों का काम अभी भी अधूरा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले 2-3 महीनों के भीतर इस हाईवे को केएमपी चालू कर दिया जाएगा। यह हाईवे गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वर्जन:
बिलासपुर फ्लाईओवर का काम अगले 6 महीनों (जून तक) में पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले रेवाड़ी - पटौदी-गुड़गांव एनएच 352 डब्ल्यू को केएमपी तक खोलने का प्रयास है। इससे एनएच 48 पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई