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शर्त पूरी, नहीं आया लेटर, अब भूख हड़ताल करेंगी बेटियां

Wed, 24 May 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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स्कूल अपग्रेड के लिए धरने पर बैठीं छात्राएं।
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स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर राजगढ़ की बेटियों ने वीरवार से भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है। स्कूल अपग्रेड करने के लिए विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या पूरी करने के बावजूद शिक्षा निदेशालय से कोई रेस्पांस नहीं मिलने पर ग्रामीणों और छात्राओं में सरकार के प्रति आक्रोश है। बुधवार को चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठीं छात्राएं स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर नारे लगाती रहीं। शाम तक स्कूल अपग्रेड होने का लेटर नहीं आने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को विद्यार्थियों की संख्या 151 होने की जानकारी ग्रामीणों ने डीईओ और डीसी को दे दी थी। इसके बाद बुधवार दिनभर स्कूल अपग्रेड करने के पत्र का इंतजार होता रहा। पांचवें दिन ग्रामीण कभी चंडीगढ़ तो कभी जनप्रतिनिधियों से मामले की जानकारी लेते रहे। शाम तक राजगढ़ धरनास्थल पर जनप्रतिनिधियों का आनाजाना लगा रहा लेकिन कोई सूचना नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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धरनास्थल पर बैठे ग्रामीणों और छात्राओं ने बताया कि सरकार ने स्कूल अपग्रेडेशन के लिए विद्यार्थियों की 150 संख्या रखी थी। हमने स्कूल में 151 बच्चों के दाखिले करवा दिए हैं। इसके बाद भी बुधवार शाम तक सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। धरने पर बैठी छात्राओं ने कहा कि अब इंतजार करते-करते बहुत समय बीत गया है। हमारा भी धैर्य जवाब दे गया है। अब वीरवार से सभी छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठेंगी। यह भूख हड़ताल तब तक चलेगी जब तक स्कूल के अपग्रेडेशन का लेटर नहीं मिल जाता।

छात्राओं ने बताई अपनी समस्या
धरने पर बैठे पांच दिन हो गए हैं। लगता है सरकार ऐसे नहीं मानेगी। अब हम कल से भूख हड़ताल पर बैठेंगी। सभी ने यही निर्णय लिया है। - प्रिया, छात्रा
निर्धारित संख्या होने के बाद भी सरकार हमारे स्कूल को अपग्रेड नहीं कर रही है। समझ नहीं आता ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली सरकार को क्या हो गया है। - चंचल, छात्रा
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आखिर स्कूल अपग्रेड करने में अब दिक्कत क्या है। जब स्कूल में छात्र संख्या पूरी हो गई है तो इसे अपग्रेड क्यों नहीं किया जा रहा। हम ही जानते हैं कि कितनी मुसीबत आती है। - ऊषा
गांव में 12वीं तक स्कूल नहीं होने के कारण कई छात्राओं को पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। हम पढ़ना चाहती हैं। बस हमारा स्कूल अपग्रेड करवा दो। - याशिका, छात्रा
गांव में 12वीं तक के स्कूल की बहुत जरूरत है। लंबे समय से इसकी मांग चल रही है। 10वीं के बाद पढ़ाई के लिए 12 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ऐसे कैसे चलेगा। - संतोष, छात्रा
पूरा गांव हमारे साथ है। स्कूल अपग्रेड करवाकर ही रहेंगी। चाहे कुछ भी हो जाए। धरने से नहीं हटेंगी। अब कल से भूख हड़ताल शुरू करेंगी। - उपासना, छात्रा
गांव की बेटियां आगे पढ़ना चाहती हैं। सरकार इसमें बाधक बन रही है। अब तो हमने निश्चित संख्या भी कर दी। आखिर अब क्या अड़चन आ रही है।  
- हिम्मत शर्मा, ग्रामीण
अब तो यह धरना स्कूल अपग्रेड होने के बाद ही हटेगा। चाहे कुछ हो जाए। छात्राओं के हठ के आगे सरकार को झुकना ही पड़ेगा। पूरा गांव इन छात्राओं के साथ है।  - दिनेश कुमार, पंच
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