जेबीटी इंटर्न के सहारे स्कूल छोड़कर नानगवास प्राइमरी स्कूूल के शिक्षक बुधवार को गायब रहे। बीईओ बिजेंद्र सिंह श्योराण द्वारा स्कूल का औचक निरीक्षण करने के बाद यह मामला सामने आया। जेबीटी शिक्षकों ने छुट्टी पर होने की सूचना अपने अधिकारियों को देना भी उचित नहीं समझा। स्कूल के हेड टीचर सुदेश कुमार 14 दिन से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित हैं।
इसके अलावा दूसरे शिक्षक मनोज कुमार भी दो दिन से अनुपस्थित हैं। बीईओ बुधवार को जब स्कूल पहुंचे तो पाया कि जेबीटी इंटर्न बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन दूसरे शिक्षक स्कूल में नहीं हैं। इस पर बीईओ ने कड़ा संज्ञान लेकर दोनों शिक्षकों की तनख्वाह रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। आगामी कार्यवाही के लिए मामला डीईओ के पास भेजा जाएगा।
31 छात्रों की लगी थी पूरी हाजिरी
बिना शिक्षकों के चल रहे स्कूल में हैरान करने वाला एक और मामला अधिकारियों की पकड़ में आया। बीईओ ने अपने निरीक्षण में पाया कि स्कूल में केवल आठ छात्र मौजूद हैं, लेकिन रजिस्टर में 31 छात्रों की हाजिरी दर्ज है। विभागीय अधिकारियों ने इस पर भी संज्ञान लिया। शिक्षक भले ही स्कूल में न रहें लेकिन छात्रों की हाजिरी पूरी दिखा रहे हैं।
बॉयोमीट्रिक मशीन न होना बना वरदान
विभाग के द्वारा वैसे तो सरकारी स्कूलों में बॉयोमीट्रिक मशीन लगवा दी गई है। अभी तक प्राइमरी स्कूलों में बॉयोमीट्रिक मशीनें नहीं लगाई गई हैं। इसका फायदा प्राइमरी शिक्षक उठा रहे हैं। बॉयोमीट्रिक मशीन नहीं होने के कारण प्राइमरी अध्यापक आपसी सहमति से फरलो मार लेते हैं, इसकी भनक तक अधिकारियों को नहीं लग पाती।
कोट
नानगवास के प्राइमरी स्कूल का जब उन्होंने निरीक्षण किया तो स्कूल के दोनों अध्यापक अनुपस्थित थे। हेड टीचर 17 अगस्त से स्कूल नहीं आ रहा था जबकि मनोज कुमार दो दिन से स्कूल से अनुपस्थित थे। दोनों अध्यापकों की तनख्वाह रोक दी गई है। वहीं दोनों अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। - बिजेंद्र सिंह श्योराण, बीईओ