रेवाड़ी में बिजली निगम की ओर से मंगलवार को सिटी सब डिवीजन कार्यालय में लगाए गए खुले दरबार में उपभोक्ताओं ने अजीबो-गरीब मामले की शिकायत रखी। एक मामला ऐसा भी था, जिसमें उपभोक्ता का मीटर छह महीने से कटा हुआ था। निगम ने उसे एक लाख 57 हजार का बिल थमा दिया। खुले दरबार में रखी गई 22 शिकायतों में से अधिकतर बिजली बिल देरी से मिलने एवं मीटर में गड़बड़ी से अधिक बिल आने से जुड़ी हुई थी। दरबार में शिकायत सुन रहे निगम के एसई इंद्रजीत यादव ने आई शिकायतों में से दस का मौके पर ही निपटारा किया। शेष शिकायतों को अधिकारियों ने शीघ्र हल करने के निर्देश दिए।
यूनिट जीरो बिल लाखों का
गढ़ी बोलनी रोड पर एक बिल्डर की ओर से भी एक व्यक्ति ने शिकायत रखते हुए कहा कि साहब कर्मचारी बिजली रीडिंग भी लेने आता है, लेकिन जब उनको बिल मिलता है तो उसमे जीरो यूनिट दर्शायी हुई होती है, जबकि उनका बिल लाखों का होता है। इसी के साथ रामपुरा गांव से आए हरिराम ने बताया कि पहले उनका बिल 500 रुपये आता था, लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है उन्हें दो हजार रपुये का बिल दिया जा रहा है। गांव खरसाणकी से आए उपभोक्ता रामौतार यादव ने बताया कि उसका पुराना घर चार साल से ज्यादा समय से बंद पड़ा हुआ है। विभाग को कनेक्शन काटने के लिए दो साल पहले ही प्रार्थना पत्र लिखा हुआ है। कनेक्शन काटने के बावजूद निगम ने उसे 37406 रुपये का बिल थमा दिया।
साहब! बिल देरी से देकर सरचार्ज वसूला जा रहा है
शहर के दिल्ली रोड स्थित उत्तम नगर, शक्ति नगर एवं सेक्टर चार के लोगों ने दरबार में पहुंचकर निगम कर्मचारियों पर बिजली बिल देरी से देकर सरचार्ज वसूलने की साजिश का आरोप लगाया। पवन यादव ने बताया कि उत्तम नगर के लोगों को बिजली बिल 28 अगस्त को मिले, जबकि अंतिम तारीख 29 अगस्त थी। उन्होंने कहा कि बिल 12 तारीख तक मिलने चाहिए थेे, लेकिन कुछ कर्मचारी लोगों को परेशान करने के लिए साजिश के तहत सरचार्ज वसूलने के लिए ऐसा कर रहे हैं। पवन फौजी, शिवकुमार, सतपाल, शक्ति नगर एवं सेक्टर -4 के लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखी। हालांकि एसई ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही ऐसे उपभोक्ताओं से सरचार्ज नहीं लेने का कर्मचारियों को निर्देश दिया।
कोसली-धारूहेड़ा तक के मामले पहुंचे दरबार में
कु उपभोक्ताओं को निराश होकर वापस भी लौटना पड़ा। कोसली से आए किसान ने बताया कि उनके खेत में दस एचपी की मोटर लगी हुई है, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने उसकी मोटर को 18.6 एचपी का बताकर जुर्माना लगा दिया है। दरबार में भी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके साथ आए किसान राजपाल, रमेश एवं सूरजभान ने भी निगम कर्मचारियों पर कुछ ऐसे ही आरोप लगाए।
खुले दरबार में बिजली संबंधी 22 शिकायतें आई। इनमें से 10 का मौके पर ही समाधान कर दिया। अन्य समस्याओं के शीध्र समाधान के भी निर्देश दिए हैं। ऐसा ही दरबार अन्य डिविजनों में भी लगाया जाएगा।
इंद्रजीत यादव, अधीक्षण अभियंता, डीएचबीवीएनएल, रेवाड़ी सर्किल