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Earthquake in Haryana: रेवाड़ी में डोली धरती, रिक्टर स्केल पर दर्ज हुई इतनी तीव्रता; लोग घरों से निकले बाहर

Mon, 09 Mar 2026 11:48 AM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी

सार

हरियाणा के रेवाड़ी में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों ने छत पर लगे पंखों को हिलते हुए देखा जिसके बाद लोग बाहर निकले। 
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earthquake भूकंप - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सोमावर 9 मार्च की सुबह करीब 7 बजे हरियाणा के रेवाड़ी जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र रेवाड़ी में ही था और यह जमीन की सतह से मात्र 5 किलोमीटर की गहराई पर आया।
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झटके इतने हल्के थे कि किसी तरह की कोई क्षति या नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन रेवाड़ी और आसपास के इलाकों जैसे गुरुग्राम में लोगों ने घरों में पंखे और अन्य सामान हिलते हुए महसूस किया। इससे कुछ देर के लिए घबराहट फैली और लोग घरों से बाहर निकल आए। दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में भी हल्के कंपन महसूस हुए।

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। 
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
 
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