फोटो: 28रेवाड़ी। प्राइवेट बस पर चढ़ कर सफर करते युवा। संवाद
- फोटो : विजेथुआ महावीरन धाम का मकरीकुंड व मंदिर ।
रेवाड़ी। त्योहारी सीजन खत्म हो जाने के बाद भी बसों में यात्रियों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। चाहे सरकारी बसें हों या निजी दोनों में ही हर दिन यात्रियों को लटक-लटक कर सफर करना पड़ रहा है। बसों की संख्या कम और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण यह समस्या है। सुबह और शाम के समय बसों में पैर रखने की भी जगह नहीं होती। कई बार तो बसें ओवरलोड होकर सड़क पर दौड़ती हैं जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। हर रूट की बस में यही स्थिति है।
निजी बसों में स्थिति और भी बदतर है। युवा दरवाजों पर लटकते या बस की छत पर बैठकर सफर करते नजर आते हैं। ऐसा करना न केवल खतरनाक है बल्कि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।