संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। कोसली गांव में लगभग दो एकड़ में बनने वाली विलेज हट योजना बजट के अभाव में सिरे नहीं चढ़ पाई है। लगभग दस लाख रुपये खर्च करके बनाई गई चारदिवारी की ईंटों को लोग उखाड़ ले गए। जिस उद्देश्य को लेकर विलेज हट बनाने की सरकार ने योजना बनाई थी, उसका आधा पैसा व्यर्थ में बर्बाद हो गया।
कोसली गांव में पिपली अड्डा के पास दो एकड़ में विलेज हट बनाने के लिए 2013 में पंचायत की कीमती जमीन लेकर उस पर कार्य शुरू हुआ था। उसकी चारदिवारी व दुकानों की नींव भरने तक दस लाख रुपये खर्च कर दिए गए थे। इसके बाद कुछ समय बजट ना मिलने से कार्य ठप रहा। वर्ष 2014 में सरकार बदल गई। इसके बाद में कार्य शुरू करना तो दूर पहले लगाई गई ईंटों तक को लोग उखाड़ ले गए।
वर्ष 2014 में सरकार बदलने के बाद इस योजना पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालात यहां तक पहुंच गए की लोगों ने चार दिवारी तक को उखाड़ लिया लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
बार-बार जनप्रतिनिधियों को करवाया अवगत
राकेश और रामपाल ने बताया कि विलेज हट के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए बार-बार जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया गया लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसका नतीजा यह निकला की लोगों ने चारदिवारी में लगी ईंटों को भी उखाड़ लिया। इस तरह से दस लाख रुपये सरकार द्वारा खर्च की गई रकम व्यर्थ में बर्बाद हो गई।
10 लाख रुपये कर दिए गए खर्च
इस विषय में गांव के सरपंच रामकिशन का कहना है कि विलेज हट तो नहीं बना, मगर हमारी पंचायत इस जगह पर कम्युनिटी सेंटर खोलने का विचार कर रही है। मगर यहां पर सवाल यह भी है कि जो पैसा खर्च किया गया था, अब उसका क्या होगा। 10 लाख रुपये मिट्टी में चले गए।
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यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। चुनाव के बाद में इस पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
अमन मित्तल, बीडीपीओ, नाहड़