रेवाड़ी। रामसिंहपुरा निवासी 100 प्रतिशत दृष्टिहीन पूनम देवी को अपना बीपीएल राशन कार्ड बनवाने को लेकर कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। मामला अदालत में पहुंचते ही प्रशासन ने पहली ही तारीख पर उनका बीपीएल कार्ड जारी कर दिया। हालांकि अभी उन्हें गुलाबी अंत्योदय कार्ड की बजाय पीला राशन कार्ड दिया गया है।
निशुल्क पैरवी कर रहे एडवोकेट ने बताया कि पूनम देवी और उनके पति दोनों दृष्टिहीन हैं तथा परिवार में दो नाबालिग बच्चे हैं। जीवन-यापन का कोई स्थायी साधन न होने के बावजूद सरकारी कार्यालय वर्षों से उनके मामले में अनदेखी कर रहे थे।
वर्ष 2016 में एडवोकेट की मदद से गुलाबी राशन कार्ड और दिव्यांग पेंशन तो बन गई थी, लेकिन 2020 में परिवार पहचान पत्र लागू होने पर सरकार ने गुलाबी कार्ड काटकर पीला कार्ड जारी कर दिया। इसके चलते परिवार को 35 किलो की जगह केवल 20 किलो अनाज मिलने लगा।
समस्या तब और गंभीर हो गई जब जून 2025 में पूनम देवी डिपो पर पहुंचीं तो पता चला कि परिवार पहचान पत्र में गलत तरीके से चारपहिया वाहन दर्ज है। कई बार शिकायत करने और समाधान शिविर में पेश होने के बावजूद भी समस्या का निवारण नहीं हुआ।
खिलाफ याचिका की थी दाखिल की
पूनम देवी ने 1 जुलाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होते ही जिला न्यायालय में हरियाणा सरकार, उपायुक्त कार्यालय और परिवार पहचान पत्र कार्यालय के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। एडवोकेट ने बताया कि अब अगली सुनवाई में यह तय होगा कि पूनम देवी को गुलाबी अंत्योदय कार्ड, जून से बकाया राशन और हुई परेशानी पर हर्जाना मिलेगा या नहीं।