बढ़ते प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इसी के साथ ठंड बढ़ने के कारण वायरल के मरीजों में भी इजाफा देखने को मिला है।
हरियाणा में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। हर जिले में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रेवाड़ी भी इससे अछूता नहीं है। सोमवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी 1500 पार चली गई। बढ़ते प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इसी के साथ ठंड बढ़ने के कारण वायरल के मरीजों में भी इजाफा देखने को मिला है। इन मरीजों की संख्या में पिछले दिनों की तुलना में करीब डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। इनमें वायरल के करीब साढे 400 से मरीज दर्ज किए गए हैं।
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त्वचा रोग की ओपीडी में जहां लगभग 200 पीड़ित आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 250 से 300 के बीच पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित फंगल इंफेक्शन के ही हैं।आंखों में जलन के पहले मरीजों की संख्या 50 से 60 के आसपास थी, अब संख्या 80 से 90 पहुंच चुकी है। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में बाहर निकलने पर मास्क लगाने की सलाह दी है।
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लोगों को अस्थमा की हो रही समस्या
नागरिक अस्पताल की रेस्पिरेटरी मेडिसिन की ओपीडी में 100 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें फेफड़ों में ही संक्रमण के ज्यादा पीड़ित हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है। जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 40 साल से ज्यादा के व्यक्तियों में परेशानी अधिक है। इनमें से हर रोज 2 से लेकर 4 मरीज तो ऐसे होते हैं कि उनको सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होती है, उनको एडमिट भी करना पड़ जाता है। बच्चों के फेफड़ों में भी संक्रमण की बीमारी निकल रही है।
बदलते मौसम के कारण लोग हो रहे हैं बीमार
फिजिशियन डॉक्टर मनीष का कहना है कि इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।