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Rewari News: रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल में 11 जनरेटर किए सील

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फोटो : 01रेवाड़ी। कोर्ट रोड का दोपहर 3 बजे का द्श्य, छाया प्रदूषण। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों और प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बोर्ड की तीन टीमों ने रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल में 11 जनरेटर को सील किया। रविवार को रात 10 बजे एक्यूआई 410 पहुंचने के कारण 18 नवंबर से ग्रैप 4 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
जिले में एक्यूआई काफी बढ़ गया है। रविवार को दोपहर करीब 1 बजे एक्यूआई 280, दो बजे के बाद एक्यूआई 312 तक पहुंच गया। इसके बाद शाम 5 बजे एक्यूआई 347 और रात 8 बजे 393 दर्ज किया गया। एक्यूआई बढ़ने से सुबह से ही घना स्मॉग छाया गया। इसके चलते वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। पूरे दिन धूप नहीं हुई। प्रदूषित के चलते लोगों की आंखों में जलन हुई।
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एलर्जी से आंखें ज्यादा ड्राई हो जाती हैं और इन एलर्जी के कारण ड्राई आंखों में प्रदूषण ज्यादा महसूस होता है। इसकी वजह से आंखों की समस्याएं जैसे खुजली, पानी आना, जलन, सामान्य दर्द आदि हो सकती है।
बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते पिछले दिनो से ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू की गई हैं। इनका पालन नहीं किया जा रहा है। डीजल से चलने वाले जनरेटर पर पाबंदी लगाई गई है। इसके बाद भी जेनरेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूर्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डीजल संचालित जनरेटरों को सीएनजी में परिवर्तित कराने के निर्देश दे चुका था। इसके बावजूद कई उद्यमी और कारोबारी डीजल पर आधारित जनरेटर सेटों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनसे प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। मौसम ठंडा होने के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने की ज्यादा आशंका रहती है। ऐसे जनरेटरों का इस्तेमाल एक्यूआई में वृद्धि करने का काम करता है। इसको देखते हुए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी हरीश कुमार शर्मा ने प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक यूनिटों और प्रतिष्ठानों की जांच करने के लिए तीन टीमों का गठन किया है। इन टीमों ने रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल में कार्रवाई करते हुए 11 जनरेटर को सील किया है।
वर्जन:

लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम अलर्ट हो चुकी है। जहां पर नियमों को तोड़ा जा रहा है, वहां पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीमों को फील्ड में उतारा गया है।-हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

पूरे दिन चली धूल भरी आंधी, वाहनों की थमी गति, आंखों में जलन का हुआ एहसास

देरी से चल रही ट्रेनें, शालीमार एक्सप्रेस रद्द
धुंध के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। रुणिचा एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट रही। जयपुर की ओर जाने वाली शालीमार मलानी एक्सप्रेस ट्रेन रद्द की गई है। यह ट्रेन लगातार 6 घंटे की देरी से ये ट्रेन चल रही थी। वहीं, पूरे दिन का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

चश्मा और मास्क लगाकर घर से निकलें

बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि आंखों में जलन होने पर डाक्टर के सलाह से दवाओं का इस्तेमाल करें। अगर आंखों में दर्द हो या देखने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए और सही उपचार लेना चाहिए। आंखों को वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से बचाने का तरीका यह है कि सबसे पहले जिन लोगों को एलर्जी होने का खतरा है, उन्हें एंटी एलर्जिक ड्रॉप्स और इससे जुड़ा इलाज शुरू करना चाहिए। इसके अलावा धूल और हवा में बाहर जाने से बचें। घर से बाहर जाते समय चश्मा और मास्क लगाएं।

आंख और सांस के रोगियों की संख्या हो सकता है दोगुनी
मौजूदा समय में नागरिक अस्पताल में आंखों की जलन के रोजाना 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। प्रदूषण बढ़ने के बाद इसकी संख्या दोगुनी हो सकती है। रेस्पिरेटरी मेडिसिन की ओपीडी में अभी 100 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है। बच्चों के फेफड़ों में भी संक्रमण की बीमारी निकल रही है। वहीं, त्वचा रोग की ओपीडी से लगातार बढ़ी है। अभी संख्या 250 से 300 के बीच है। इनमें ज्यादातर पीड़ित फंगल इंफेक्शन के ही हैं। यह संख्या तब की है, जब प्रदूषण का स्तर ढाई सौ के आसपास रहता था। अब प्रदूषण का स्तर 300 को पार कर रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल सकता है।
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वर्जन:
इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं।नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं। लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, मौसम बदल रहा है।-डॉक्टर मनीष, फिजिशियन।
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