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Rewari News: ड्रोन प्रशिक्षण सिखाया, लोको शेड का भ्रमण करवाया

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रेवाड़ी। प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में ड्रोन संचालन और ड्रोन उड़ान विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। एयरोड्रोन कार्यशाला में मुख्य वक्ता कैप्टन सुनील डी डोगरा, एजीएम सतदेव यादव, वरुण कुमार (डीजीसीए प्रमाणित ड्रोन प्रशिक्षक), ब्रह्म प्रकाश (व्यवस्थापक प्रबंधक), महेश कुमार ड्रोन इंजीनियर रहे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह ने मुख्य वक्ताओं को पौधा देकर स्वागत किया एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
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मुख्य वक्ता कैप्टन सुनील डी डोगरा ने ड्रोन के संयोजन और विखंडन, प्रशिक्षकों द्वारा ड्रोन की वास्तविक उड़ान को समझाते हुए बताया कि ड्रोन आधुनिक युग में बहुत उपयोगी हैं। उन्होंने बताया कि ड्रोन का उपयोग कृषि स्प्रे, मिट्टी और क्षेत्र विश्लेषण, फसल निगरानी, पशुधन प्रबंधन, औद्योगिक अनुप्रयोग, चिकित्सा आपातकाल, आग का खतरा, यातायात पुलिस द्वारा सुरक्षा आदि उपयोग के लिए किया जाता है। भारत में ड्रोन का भविष्य उद्यमीकरण के रूप में निखर कर आएगा। कार्यशाला के तत्पश्चात पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सभी स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर विभिन्न प्रकार के विषयों पर अपनी प्रतिभाओं का पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शन किया। सभी स्वयंसेवकों को कार्यक्रम अधिकारियों के मार्गदर्शन में रेवाड़ी की धरोहर एवं पौराणिक, ऐतिहासिक लोको शेड का भ्रमण करवाया गया जहां पर सभी स्वयंसेवकों ने भारतीय रेल परिवहन के इतिहास को बारीकी से विस्तारपूर्वक जाना।



उड़ान और अनुप्रयोगों के मूल सिद्धांतों से अवगत करवाया
सतदेव यादव ने यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) की उड़ान और अनुप्रयोगों के मूल सिद्धांतों से अवगत करवाया। वरुण कुमार ने भारत में ड्रोन इको सिस्टम का परिचय देते हुए भारत सरकार द्वारा जारी ड्रोन दिशा निर्देशों को विस्तार पूर्वक समझाया। ब्रह्म प्रकाश ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी स्वयंसेवकों को ड्रोन की आधुनिक तकनीकी विशेषताओं के बारे में अवगत करवाया। महेश ने ड्रोन का संयोजन और निराकरण में मुख्य तौर पर उपयोग होने वाले उपकरणों एवं तरीकों के बारे में बताया।

रेवाड़ी। प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : विवि

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