रेवाड़ी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) जोगिंदरी की अदालत ने 30 साल पुराने सड़क दुर्घटना मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में जुर्माना लगाया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने धारा 279 के तहत 1 हजार रुपये, धारा 337 के तहत 500 रुपये और धारा 427 के तहत 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को अलग-अलग अवधि की साधारण कैद भुगतनी होगी। सतपाल ने जुर्माने की राशि अदालत में जमा करवा दी है। यह मामला वर्ष 1995 का है। धारूहेड़ा थाना क्षेत्र में 7 मई 1995 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जिला भिवानी के बपोड़ा निवासी सतपाल पर आरोप था कि उसने टैंकर को सार्वजनिक सड़क पर तेज और लापरवाही से चलाते हुए एक बस को टक्कर मार दी थी।
दुर्घटना में उमाशंकर नामक व्यक्ति को चोट लगी थी और बस नंबर को भी नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद पुलिस ने सतपाल के खिलाफ जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया था।
7 फरवरी को किए गए थे आरोप तय
अदालत ने 7 फरवरी 2026 को सतपाल के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप तय होने के बाद सतपाल ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे का सामना करने की बात कही थी। 12 मार्च को जब मामला अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के लिए निर्धारित था, उसी दौरान सतपाल ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। सतपाल का कहना था कि उसने बिना किसी दबाव या लालच के अपनी गलती स्वीकार की है।