गांव भडंगी स्थित मंदिर में पानी भरती महिलाएं। संवाद
कोसली। क्षेत्र के गांव भडंगी में सिंचाई विभाग की ओर से स्थापित बूस्टिंग स्टेशन दस वर्ष से बंद पड़ा है जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहरा जाता है। गांव के लोग पीने के लिए पानी एक किलोमीटर दूर से लाते हैं।
गांव के पूर्व पंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव का भूजल खारा है। पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में खारा और फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार लोगों को पीने का पानी एक किलोमीटर दूर स्थित मंदिर से लाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की ओर से लगाए गए ट्यूबवेल का पानी भी खारा और फ्लोराइडयुक्त है। लगातार ऐसे पानी का सेवन करने से गांव के लोग विभिन्न जलजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द ही बूस्टिंग स्टेशन में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि वर्षों से समस्या बनी हुई है लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वर्जन
गांव में पेयजल समस्या की जानकारी नहीं थी। अब मामला सामने आया है तो समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।- अशोक यादव, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।